जालोर बिशनगढ़ थाना क्षेत्र के ऐलाना गांव में सोमवार रात खेत की रखवाली कर रहे एक अधेड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले. परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताया है. मृतक कुछ दिन पहले हुई एक अन्य हत्या के मामले में नामजद आरोपी भी था, जिससे यह मामला और ज्यादा उलझ गया है.
खेत पर सोया था किसान
किसान तेजाराम चौधरी डॉ. जुगराज का खेत बटाई पर लेकर खेती का कार्य करता था. सोमवार शाम को फसल की रखवाली के लिए खेत पर सोने चला गया. मंगलवार सुबह जब वह देर तक घर नहीं लौटा, तो उसका बेटा खेत पहुंचा, वहां तेजाराम का शव खून से लथपथ पड़ा था. उसके सिर से खून बह रहा था और शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें थीं.
हर एंगल से जांच कर रही पुलिस
बेटे ने तुरंत परिजनों और पुलिस को सूचना दी. पुलिस और एफएसएल टीम की मौके पर पहुंची. घटना की सूचना पर बिशनगढ़ थाना पुलिस और जालोर डीएसपी गौतम जैन पुलिस जाब्ता के साथ मौके पर पहुंचे. शव को मांडवला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मोर्चरी में रखवाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से साक्ष्य जुटाए.
डीएसपी गौतम जैन ने बताया कि मृतक के सिर और कान के पास धारदार हथियार से गहरी चोटें थीं. फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है.
600 मीटर पर दूर सो रहा था परिवार
घटना के समय तेजाराम का परिवार करीब 600 से 700 मीटर दूर दूसरे खेत में सो रहा था. रात में किसी तरह की चीख-पुकार सुनाई नहीं देने से मामला और संदिग्ध हो गया है.
दूसरी हत्या से जुड़ रहे हैं तार
इस सनसनीखेज वारदात के तार 8 जनवरी को हुई बूटाराम की हत्या से जुड़ते नजर आ रहे हैं. बिशनगढ़ थाना क्षेत्र निवासी बूटाराम 22 दिसंबर को खेतों में बकरियां चराने गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा. 8 जनवरी को उसका शव बालोतरा जिले के तेलवाड़ा गांव के जंगल में क्षत-विक्षत हालत में मिला था.
इस मामले में तेजाराम चौधरी को नामजद आरोपी बनाया गया था, क्योंकि बूटाराम भी उसके साथ बटाई पर खेती करता था. जानकारी के अनुसार, तेजाराम का नार्को टेस्ट मंगलवार-बुधवार को प्रस्तावित था, लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत हो गई.
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