Rajasthan News: राजस्थान के बाड़मेर जिले में देश के सबसे बड़े क्रूड तेल उत्पादन क्षेत्र में गंभीर लापरवाही सामने आई है. यहां केयर्न वेदांता कंपनी की गतिविधियों के बाद किसानों के कृषि ट्यूबवेल से क्रूड ऑयल जैसा काला और बदबूदार पानी निकल रहा है. इससे खेती चौपट हो रही है और जमीन बंजर बनने की कगार पर है.
अंडरग्राउंड ब्लास्ट के बाद बिगड़े हालात
किसानों का आरोप है कि कंपनी द्वारा क्रूड ऑयल निकालने के लिए किए गए अंडरग्राउंड ब्लास्ट के बाद यह समस्या शुरू हुई. कई किसानों के कुएं पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं. सिंचाई के साथ पीने के पानी का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है.
23 फरवरी से शुरू हुआ तेल रिसाव
23 फरवरी को किसान हरजी राम के खेत में अचानक तेल का रिसाव शुरू हुआ. कंपनी ने पहले वैक्यूम मशीन से तेल निकालकर टैंकरों में भरा लेकिन यह उपाय कारगर नहीं रहा. लगातार पांच दिन तक खेत में रिसाव जारी रहा.
पांच दिन बाद बंद हुआ उत्पादन
लगातार रिसाव के बाद आखिरकार कंपनी को ऐश्वर्या ऑयल फील्ड के 20 तेल कुओं का उत्पादन बंद करना पड़ा. उत्पादन बंद होते ही रिसाव थम गया. इसके बाद कंपनी लीकेज के कारण तलाशने में जुटी.
तेल उत्पादन पर असर
ऐश्वर्या ऑयल फील्ड से रोजाना पांच हजार बैरल से अधिक क्रूड ऑयल का उत्पादन होता है. उत्पादन रुकने से पूरे क्षेत्र की तेल आपूर्ति पर सीधा असर पड़ा है.
आरोप है कि कंपनी ने अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए प्रभावित खेत को रेड जोन घोषित कर दिया. टीन शेड लगाकर क्षेत्र को ढक दिया गया और लोगों की आवाजाही रोक दी गई.
किसानों की मांग
स्थानीय किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि मिट्टी फसल और पानी तीनों को भारी नुकसान हुआ है. वे दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच चाहते हैं. यह घटना पर्यावरण सुरक्षा और तेल कंपनियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
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