धर्मांतरण के पीछे विदेशी ताकतें, 5 साल तक गहलोत सरकार ने कुछ नहीं कियाः वासुदेव देवनानी

स्पीकर देवनानी ने कहा, वसुंधरा राजे सरकार में धर्मांतरण के लेकर कानून बनाने की पहल शुरू हुई थी, लेकिन कांग्रेस की सरकार 5 साल तक इसे रोककर बैठी रही, अब प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है तो जरूर इस पर काम होगा और धर्मांतरण के मुद्दे पर कड़े कानून बनेंगे.

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वासुदेव देवनानी

Religious Conversion Case: बाड़मेर दौरे पर आए विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने धर्मांतरण के मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि इसके पीछे विदेशी और राष्ट्र विद्रोह दी बड़ी ताकतें हैं और यह ताकतें खासकर आदिवासी इलाकों में धर्मांतरण के जरिए हिंदू धर्म और भारत को कमजोर करने में लगे हुए हैं.

स्पीकर देवनानी ने कहा, वसुंधरा राजे सरकार में धर्मांतरण के लेकर कानून बनाने की पहल शुरू हुई थी, लेकिन कांग्रेस की सरकार 5 साल तक इसे रोककर बैठी रही, अब प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है तो जरूर इस पर काम होगा और धर्मांतरण के मुद्दे पर कड़े कानून बनेंगे.

गौरतलब है पिछले दिनों भरतपुर में धर्मांतरण का एक बड़ा मामला सामने आया था. जिसमें एक निजी होटल में उत्तर प्रदेश से आए 400 से अधिक लोगों का धर्म परिवर्तन किया जा रहा था. हिंदू विश्व परिषद और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने छापेमारी कर लोगों को पकड़ा गया. पुलिस ने धर्म परिवर्तन कराने वाले दो लोगों को हिरासत में लिया था.पकड़े गए आरोपी लोगों का ईसाई धर्म में धर्मांतरण करवा रहे थे. 

फरवरी महीने में ही कोटा जिले के सांगोद ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ओदपुर खजूरी में तैनात तीन शिक्षकों क्रमशः शबाना, फिरोज खान, मिर्जा मुजाहिद को धर्मांतरण आरोपों के चलते निलंबित किया गया. आरोप है कि हिंदू लड़कियों को नमाज पढ़ाई जा रही है

तीनों शिक्षकों पर लव जिहाद, धर्मांतरण और इस्लामिक जिहादी गतिविधियों में लिप्त होने शिकायत के बाद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के आदेश के सस्पेंड कर दिया गया. एक बयान में शिक्षा मंत्री ने कहा कि एक छात्र की टीसी में हिंदू होने के बावजूद इस्लाम लिख दिया गया था. हिंदू लड़कियों को नमाज पढ़ाई जा रही है. ऐसा सामने आने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई.

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