चार साल पहले पुल‍िस के रडार पर आया था आतंकी साज‍िश में शाम‍िल अली, लॉरेंस गैंग का बताता था सदस्‍य  

अजमेर का रहने वाला अली अकबर अंबाला में पाक‍िस्‍तान से भेजे गए आरडीएक्‍स के साथ पकड़ा गया था. पूछताछ में नया खुलासा हुआ है. 

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अजमेर का अली अकबर विस्फाेटक सामग्री के साथ अंबाला में गिरफ्तार हुआ.

हरियाणा के अंबाला में विस्फोटक (RDX) के साथ पकड़े गए अजमेर का रहने वाला अली अकबर उर्फ बाबू को लेकर अब एक नया खुलासा सामने आया है. जांच में पता चला है कि यह वही अली अकबर है, जिसे करीब 4 साल पहले अजमेर पुलिस शांतिभंग में गिरफ्तार कर पाबंद कर चुकी थी. अली अजमेर के दिल्ली गेट स्थित लोगिया मोहल्ला का रहने वाला है, और शहर में ऑटो चलाकर अपना गुजारा करता था. 

लॉरेंस गैंग का सदस्य बताकर दी थी धमकी 

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 13 अगस्त 2022 को पीसांगन थाना क्षेत्र के बुधवाड़ा निवासी इकबाल अहमद ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया था कि लोगिया मोहल्ले में चल रहे एक गेस्ट हाउस को लेकर विवाद के दौरान अली अकबर ने उसे धमकाया था. पीड़ित का आरोप था कि अली अकबर नहीं चाहता था कि गेस्ट हाउस किसी और को दिया जाए. इसी को लेकर उसने खुद को लॉरेंस गैंग से जुड़ा बताते हुए डराने-धमकाने की कोशिश की थी.

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गेस्ट हाउस खाली करने पर दी थी धमकी  

पीड़ित का आरोप था कि अली अकबर का भाई अली असगर पीड़ित का गेस्ट हाउस किराए पर चलाता था. 6 महीने का किराया बाकी था, जिस पर पीड़ित ने गेस्ट हाउस खाली करने की बात कही थी. इस बात से नाराज अली अकबर ने  गेस्ट हाउस किसी और को नहीं दिया जाए. इसी को लेकर उसने खुद को लॉरेंस गैंग से जुड़ा बताते हुए डराने-धमकाने की कोशिश की थी.

पुलिस ने शांतिभंग में पाबंद किया था  

शिकायत मिलने पर पुलिस ने अली अकबर को थाने बुलाकर पूछताछ की और शांतिभंग की आशंका के चलते उसे गिरफ्तार कर भविष्य में ऐसा नहीं करने के लिए पाबंद किया था. अब वही अली अकबर एक बार फिर गंभीर आरोपों में घिर गया है. हाल ही में हरियाणा के अंबाला में उसे दो अन्य साथियों के साथ विस्फोटक सामग्री के साथ पकड़ा गया है. जांच एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे गए आरडीएक्स के जरिए राजस्थान के हनुमानगढ़ में विस्फोट की साजिश रची जा रही थी.

अजमेर में ऑटो चलाता था अली अकबर  

अली अकबर का पारिवारिक बैकग्राउंड भी सामने आया है. वह मूल रूप से अजमेर जिले के पीसांगन थाना क्षेत्र के गोविंदगढ़ का रहने वाला है. उसके पिता मोहम्मद रमजान राजस्थान रोडवेज में कंडक्टर रहे हैं, और र‍िटायर्ड हो चुके हैं. बड़ा भाई अली असगर एक गेस्ट हाउस में नौकरी करता है. आरोपी शादीशुदा है, और उसके दो बच्चे भी हैं. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर अजमेर में ऑटो चलाने वाला यह युवक किस तरह आतंकी नेटवर्क से जुड़ा, और उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या उसके स्थानीय स्तर पर भी कोई मददगार था या नहीं.

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