Alwar News: राजस्थान के मेवात क्षेत्र में साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे पुलिस टीम पर हमला करने से भी नहीं कतरा रहे हैं.ताजा मामला अलवर के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के सेमला खुर्द गांव का है, जहां साइबर ठगी के वांछित आरोपियों को पकड़ने गई डीग जिले की नगर थाना पुलिसपर ग्रामीणों और आरोपियों के परिजनों ने जानलेवा हमला कर दिया.
ASI को बनाया बंधक, सिर में आई गंभीर चोट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर थाने के एएसआई (ASI) रामनिवास अपनी टीम के साथ सिविल ड्रेस में वांछित अपराधी तस्लीम और साबिर को दबोचने पहुंचे थे. पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ भी लिया था, लेकिन तभी शोर मचने पर भारी संख्या में ग्रामीण और परिजनों ने पुलिस को घेर लिया. भीड़ ने एएसआई रामनिवास को जबरन एक घर के अंदर खींच लिया और कुंडी लगाकर उन्हें बंधक बना लिया. घर के भीतर लाठियों से उनकी बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और उनका मोबाइल भी छीन लिया गया.
आरोपी मौका पाकर दीवार फांदकर हुए फरार
बाहर मौजूद कांस्टेबल की सूचना पर जब अतिरिक्त पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा, तो उत्तेजित भीड़ ने उन्हें घर के अंदर घुसने नहीं दिया. इस हंगामे और धक्का-मुक्की का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी तस्लीम और साबिर मकान की पिछली दीवार फांदकर खेतों के रास्ते फरार हो गए. काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने घायल एएसआई को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया और अस्पताल पहुंचाया.
करीब छह माह पहले भी हुआ था पुलिस पर हमला
बताया जा रहा है कि करीब छह माह पहले भी नगर पुलिस साइबर ठगी के आरोपी तस्लीम और साबिर को पकड़ने के लिए गांव आई थी, तब भी पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई थी. इससे पहले भी सेमला खुर्द में एक थानाधिकारी को ग्रामीणों द्वारा बंधक बनाने की घटना सामने आ चुकी है. नगर पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि वांछित अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस की एडवांस टीम गांव गई थी, जहां आरोपियों के परिजनों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की। यदि समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो एएसआई की जान को खतरा हो सकता था.
करीब 20 से 25 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
नगर पुलिस ने इस मामले में 9 नामजद सहित करीब 20 से 25 लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट, आरोपियों को छुड़ाने और मोबाइल लूटने का मामला दर्ज किया है.