बूंदी में नेशनल हाईवे-52 पर हिण्डोली और देवली क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चल रहा है. पिछले तीन दिनों से जारी बुलडोजर एक्शन का विरोध भी जारी है. कार्रवाई के दौरान प्रभावित लोगों की बड़ी संख्या मौके पर मौजूद रही. कई परिवारों ने अपने मकान और दुकानों पर चल रही कार्रवाई को लेकर चिंता जताई. उस वक्त रोचक स्थिति बन गई, जब हिण्डोली (बूंदी) विधायक और पूर्व मंत्री अशोक चांदना स्वयं मौके पर पहुंच गए. अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्रवाई का निरीक्षण करने लगे. इस दौरान उन्होंने सड़क और आसपास बने मकानों की दूरी का खुद इंच टेप लेकर पहुंचे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि नियमों की पालना की जाएगी.
हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन का अभियान
दरअसल, हाईकोर्ट ने सड़क से निर्धारित सीमा के भीतर कच्चे और पक्के निर्माणों को हटाने का आदेश दिया था. आदेश के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और तहसील प्रशासन ने अभियान शुरू किया. अब तक कई मकान, दुकानें तथा अन्य निर्माण बुलडोजर की सहायता से ध्वस्त किए जा चुके हैं. अभियान पेचकी बावड़ी क्षेत्र से शुरू हुआ. इसके बाद हरणा चौराहा, हिण्डोली कस्बे के कट और बायपास क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों पर सड़क किनारे बने अतिक्रमणों को हटाया गया.
अधिकारियों को संवेदनशील व्यवहार करने की हिदायत
अभियान की सूचना मिलने पर विधायक अशोक चांदना भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने एनएचआई के अधिकारियों, तहसीलदार और साइट इंजीनियर से चर्चा की. अधिकारियों से कार्रवाई की प्रक्रिया और मापदंडों की जानकारी ली. इसी दौरान चांदना ने इंजीनियर से इंची टेप लेकर स्वयं सड़क और निकट स्थित मकानों की दूरी नापी. चांदना ने अधिकारियों से कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कानून और नियमों के अनुसार होनी चाहिए. किसी भी गरीब और आम नागरिक के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान और दुकानें प्रभावित हो रही हैं, उनके साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए. बिना उचित प्रक्रिया और नियमानुसार कार्रवाई के किसी को परेशान नहीं किया जाए.
विधायक ने आंदोलन की दी चेतावनी
उन्होंने यह भी कहा, "जिन मामलों में मुआवजे या अन्य कानूनी अधिकारों का प्रश्न बनता है, वहां प्रभावित लोगों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए. अगर नियमों की अनदेखी कर कार्रवाई की गई और लोगों के साथ अन्याय हुआ तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन और प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे."
आगे भी जारी रहेगा अभियान
वहीं, अधिकारियों ने उन्हें आश्वस्त किया कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों और निर्धारित नियमों के तहत की जा रही है. अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा. प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा.
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