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यमुना जल समझौता राजस्थान के लिए ‘गेम चेंजर’, होगी नई औद्योगिक क्रांति- वासुदेव देवनानी

जयपुर में NDTV के 'जल से समृद्धि' कॉन्क्लेव में राजस्थान विधानसभा के स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि 32 साल बाद हुआ यमुना जल समझौता ऐतिहासिक है जिससे खेती, उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा.

यमुना जल समझौता राजस्थान के लिए ‘गेम चेंजर’, होगी नई औद्योगिक क्रांति- वासुदेव देवनानी
NDTV कॉन्क्लेव में स्पीकर वासुदेव देवनानी
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राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जयपुर में आयोजित NDTV कॉनक्लेव में यमुना जल समझौते, राजस्थान विधानसभा में किए गए नवाचारों और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर खुलकर बात की. देवनानी ने कहा कि राजस्थान और हरियाणा के बीच हुआ यमुना जल समझौता प्रदेश के लिए ऐतिहासिक साबित होगा. इस समझौते में 32 साल लगे और केंद्र सरकार की मौजूदगी में दोनों राज्यों के बीच सहमति बनी. उन्होंने कहा कि राजस्थान लंबे समय से जल संकट से जूझता रहा है. पानी केवल पेयजल का विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध खेती, उद्योग, निवेश और प्रदेश की नई औद्योगिक क्रांति से भी है. यमुना जल समझौते के लागू होने के बाद राजस्थान के विकास को नई गति मिलेगी.

देवनानी ने कहा, “दोनों सरकारों के लिए जल सर्वोपरि था. जब जल संकट बढ़ता है तो राज्यों को समाधान की दिशा में आगे बढ़ना पड़ता है. केंद्र सरकार ने मध्यस्थ की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उसकी मौजूदगी में दोनों राज्यों के बीच समझौता हुआ.”

स्पीकर देवनानी ने राजस्थान और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को इस समझौते के लिए बधाई देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका की भी सराहना की. देवनानी ने कहा कि यह केवल पानी के बंटवारे का समझौता नहीं है, बल्कि राजस्थान के भविष्य और विकास से जुड़ा बड़ा कदम है.

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रेतीले रेगिस्तान की जगह दिखेगी हरियाली

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सीकर, चूरू और झुंझुनूं जैसे क्षेत्रों को लंबे समय से रेतीले और जल संकट वाले इलाकों के रूप में जाना जाता रहा है आने वाले समय में इन क्षेत्रों की तस्वीर बदल सकती है. उन्होंने कहा, “राजस्थान की पहचान लंबे समय तक रेगिस्तान और पानी की कमी से रही है. अब प्रदेश हरियाली की ओर बढ़ रहा है. इतने करोड़ों पेड़ पहले कभी नहीं लगाए गए. पहले करीब सात करोड़ और अब 11 करोड़ पौधे लगाए गए हैं.”

देवनानी ने कहा कि नदियों को जोड़ने की योजनाओं से भी प्रदेश में जल का बेहतर उपयोग संभव होगा. राजस्थान में कई बार एक क्षेत्र में बाढ़ और दूसरे क्षेत्र में सूखे की स्थिति बनती है. जल स्रोतों को जोड़ने से इस असंतुलन को कम करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा, “यह समझौता ऐतिहासिक समझौता होगा. इसके क्रियान्वयन के बाद सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और राजस्थान निश्चित रूप से विकास की नई दिशा में आगे बढ़ेगा.”

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नवाचारों पर ध्यान

विधानसभा में किए गए नवाचारों को लेकर देवनानी ने कहा कि बदलाव करना उनका स्वभाव रहा है. उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री रहते हुए भी उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कई नए प्रयोग किए थे. देवनानी ने कहा, “जब मैं विधानसभा अध्यक्ष बना तो लोगों ने कहा कि अध्यक्ष को क्या करना है? सदन चलेगा, चेयर पर बैठना है और सदस्यों से कहना है कि माननीय सदस्य अपनी सीट पर बैठ जाएं. मैंने कहा कि अगर करने की इच्छा हो तो बहुत सारे काम किए जा सकते हैं.”

उन्होंने कहा कि विधानसभा में पहले से बना म्यूजियम केवल वीआईपी और चुनिंदा लोगों के लिए खुला था। विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने इसे आम लोगों के लिए खोल दिया. देवनानी ने बताया कि अब तक 50 हजार से अधिक लोग विधानसभा म्यूजियम का भ्रमण कर चुके हैं. यहां राजस्थान के भौगोलिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक विकास से जुड़ी जानकारियां प्रदर्शित की गई हैं.

संविधान गैलरी और वंदे मातरम् गैलरी बनाई

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि म्यूजियम में नवाचार करते हुए सबसे पहले संविधान गैलरी की स्थापना की गई। इसमें मूल संविधान में शामिल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चित्रों को प्रदर्शित किया गया है. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक विशेष गैलरी भी तैयार की गई. इसमें वंदे मातरम् के इतिहास और उसके सफर को चित्रों के माध्यम से दिखाया गया है. विधानसभा परिसर में महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान और राजस्थान के अन्य वीर महापुरुषों से जुड़े चित्र भी लगाए गए हैं.

अब विधानसभा में बैठे-बैठे होंगे राजस्थान के प्रमुख स्थलों के दर्शन

देवनानी ने कहा कि विधानसभा में अब एक और बड़ा तकनीकी नवाचार किया जा रहा है. इसके तहत 3D तकनीक से राजस्थान के प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों का अनुभव कराया जाएगा.

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में एक विशेष हेलीकॉप्टर आधारित म्यूजियम गैलरी देखने के बाद उन्हें राजस्थान में भी ऐसा प्रयोग करने का विचार आया. वहां 3D तकनीक के माध्यम से बैठे-बैठे अयोध्या और काशी के दर्शन का अनुभव होता है. देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधानसभा में बनने वाली नई 3D गैलरी में लोग बैठे-बैठे महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान, पुष्कर, भरतपुर और प्रदेश के अन्य प्रमुख स्थलों को देख सकेंगे.

उन्होंने कहा, “ऐसा अनुभव होगा, जैसे व्यक्ति वास्तव में उस स्थान के सामने मौजूद है. इस परियोजना की तैयारी शुरू हो चुकी है.”
 

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