गहलोत और शेखावत ने जिस यूनिवर्सिटी से की थी राजनीति की शुरुआत, वहां लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने खेला मास्टर स्ट्रोक

राजस्थान की सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयो में एक जोधपुर के सबसे बड़े संभाग स्तरीय जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी को केंद्र की मोदी सरकार ने 100 करोड़ रुपए का अनुदान दिया है.

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जेएनवीयू को मिली केंद्र की सौगात

Rajasthan News: लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने फिर एक बड़ा 'मास्टर स्ट्रोक' खेला है. राजस्थान में भाजपा की सरकार बनने के बाद लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में जुट गई है. जहां इसी कड़ी में राजस्थान की सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयो में एक जोधपुर के सबसे बड़े संभाग स्तरीय जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी को केंद्र की मोदी सरकार ने 100 करोड़ रुपए का अनुदान दिया है. लोकसभा चुनाव से पहले यह एक बड़ी सौगात है. जहां पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ ही वर्तमान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ कई बड़े राजनेता इसी विश्वविद्यालय से अपने छात्र राजनीति की शुरुआत कर चुके हैं.

पीएम उषा परियोजना स्वीकृत

दरअसल जयनारायण व्यास विश्वविद्यालया जोधपुर को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत 100 करोड़ रुपए की राशि का अनुदान स्वीकृत किया गया है. विश्वविद्यालय के डवलपमेंट को लेकर पिछले दो वर्षों से किए जा रहे प्रयासों के कारण पश्चिमी राजस्थान के सबसे बडे़ विश्वविद्यालय के लिए 'पीएम उषा परियोजना स्वीकृत' की गई है. जेएनवीयू के कुलपति प्रोफ़ेसर केएल श्रीवास्तव ने बताया की पीएम उषा योजना के तहत प्राप्त 20 करोड़ अनुदान राशि के शत प्रतिशत राशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र राज्य व केन्द्र सरकार को भेजना और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् द्वारा विश्वविद्यालय को नेक मूल्यांकन करवाना. नई शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन करना. इत्यादि आधारभूत कार्य को समय पर पूरा करके उषा परियोजना के लिए पात्रता हासील की गई थी.

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उन्होंने कहा, पीएम उषा परियोजना के तहत विश्वविद्यालय में आधारभूत सुविधाओं का विकास एवं निरन्तर नवीनीकरण के कार्य व शोध परियोजनाओं की स्वीकृति एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षक और सीखने की प्रक्रिया के विकास नये पाठ्यक्रम भारतीय ज्ञान तंत्र के परम्परागत पाठयक्रम का अध्ययन, अध्यापन विद्यार्थियों को बहुमुखी विकास को लेकर विभिन्न भाषाओं, प्रौद्योगिकी, तकनीकी, अभियांत्रिकी, कला साहित्यए वित्तिय प्रबंधनए व्यापार प्रबंधन इत्यादि के नवीन पाठयक्रम का अध्ययन, अध्यापन अब जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में शुरू होंगे. विद्यार्थियों में भी खेलों में रूची जागृत करने एवं विशेष खेल हेतु पेशेवर खिलाड़ी तैयार करने को लेकर आधुनिक प्रशिक्षण की सुविधाएं प्राप्त होगी. 

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कुलपति प्रो. श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपए की अनुदान राशि से गुणात्मक शिक्षा के लिए प्रभावी संसाधन आवंटन तथा शिक्षण एवं शोध कार्य में प्रयुक्त नवीनतम उपकरणों की आपूर्ति होगी. पीएम उषा परियोजना से विश्वविद्यालय में करीबन 25 प्रकार के नए कोर्स तथा करीबन 30 प्रकार के नए विषय शुरू किए जायेंगे नई शिक्षा नीति. 2020 के तहत उक्त परियोजना राशि से पश्चिम राजस्थान के भौतिक संसाधनोंए का सर्वे एवं शोध कार्य को भी गति प्रदान की जायेगी विश्वविद्यालय में नेनोटेक्नोलॉजी, आटीर्फीशियल इन्टेलिजेन्स द्वारा साइंस इत्यादि विषयों पर शोध के लिए नई प्रयोगशालाओं का विकास किया जायेगा. राजस्थान से संबंधित लोक कलाए लोक साहित्यए लोकगीत पाण्डुलीपी राजस्थानी भाषा के साहित्य का विकास इत्यादि विषयों की इस परियोजना में शामिल किया गया है.

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वर्ष 1992 शेखवत रहे थे छात्रसंघ अध्यक्ष

वर्तमान में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इसी जेएनवीयू से अपने छात्र राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी. जहां वर्ष 1992 में छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव जीत चुके हैं और 2014 में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीता जिसके बाद वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव जीत और वर्तमान में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री है.

गहलोत हार गए थए छात्रसंघ का चुनाव

जेएनवीयू से अशोक गहलोत छात्रसंघ का चुनाव हार चुके हैं. गहलोत ने बाद में भले ही अपनी राजनीति जीवन में कई चुनाव जीते, लेकिन राजनीति में प्रवेश की सीढ़ी में छात्रसंघ के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था.

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