Jodhpur News: राजस्थान में इन दिनों 'इंतजार शास्त्र' बनाम 'झूठ शास्त्र' की जंग तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर के सैटेलाइट अस्पतालों का काम रोकने को जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया है. वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जोधपुर की धरती से पलटवार करते हुए कहा कि केवल ट्वीट करने से पार नहीं पड़ेगी, जमीन पर काम करना होगा.
गहलोत का 'इंतजार शास्त्र' चैप्टर-4
पूर्व सीएम ने सरकार पर 'संवेदनहीनता' का आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या कोई सरकार अस्पतालों के निर्माण पर रोक लगाती है? गहलोत के अनुसार, जयपुर के चारों कोनों पर प्रस्तावित 4 सैटेलाइट अस्पतालों का काम अटकाकर भाजपा सरकार जनता की जान जोखिम में डाल रही है. गहलोत ने विशेष रूप से आगरा और दिल्ली रोड (कानोता-अचरोल) के अस्पतालों को रद्द करने को शर्मनाक बताया. उन्होंने तर्क दिया कि दुर्घटना के 'गोल्डन ऑवर' में मिलने वाले इलाज पर ब्रेक लगाकर सरकार जनता को खतरे में डाल रही है.
जब गहलोत से उनकी सोशल मीडिया पोस्ट्स का मकसद पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वे सरकार पर दबाव बनाने के लिए ऐसा कर रहे हैं. उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, IPD टॉवर, सोशल साइंस इंस्टीट्यूट और कोaching हब जैसे रुके हुए प्रोजेक्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि अगर दबाव से काम होता है, तो यह सबके लिए अच्छा है.
सीएम भजनलाल का जोधपुर से कड़ा पलटवार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गहलोत के गृह जिले में गरजते हुए इसे 'इंतजार शास्त्र' नहीं बल्कि 'झूठ शास्त्र' करार दिया. उन्होंने कहा कि खोखली जादूगरी का झूठ केवल भ्रम पैदा करता है. सीएम के अनुसार, केवल ट्विटर पर बयान देने से सरकार नहीं चलती. भजनलाल शर्मा ने पेपर लीक और JJM (जल जीवन मिशन) भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधी सलाखों के पीछे हैं. उन्होंने कड़ा संदेश दिया कि मंत्री और अधिकारी जेल जा रहे हैं और अभी यह सूची काफी लंबी है. भ्रष्टाचार करने वाले एक भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
सियासी भविष्य की ओर इशारा
सीएम के बयान के तुरंत बाद गहलोत ने फिर से सैटेलाइट अस्पताल का मुद्दा उठा दिया. पक्ष और विपक्ष के बीच उपलब्धियां गिनाने और कमियां निकालने का यह सिलसिला अब और लंबा खिंचने के आसार हैं.
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