फिल्म '21' में दादाजी का सरनेम बदला देख पोती का छलका दर्द, बोलीं-'दादाजी ने देश के लिए जान दी, पहचान तो मत बदलो

जोधपुर के शेरगढ़ कस्बे के देवातु गांव के बहादुर बेटे संगत सिंह इंदा, जिन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था, एक बार फिर चर्चा में हैं.

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Jodhpur News
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Jodhpur News: जोधपुर के शेरगढ़ कस्बे के देवातु गांव के बहादुर बेटे संगत सिंह इंदा, जिन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था, एक बार फिर चर्चा में हैं. हाल ही में उन पर आधारित फिल्म '21' रिलीज हुई है. इसे देखने के लिए रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर, सैनिक और शहीद के परिवार वाले थिएटर में उमड़ पड़े हैं.

पोती ने पिक्चर में जाति परिवर्तन पर डायरेक्टर को घेरा

वही इस पिक्चर को देखने आए  वीर सपूत संगत सिंह इंदा के परिवार के सदस्य और शहीद की पोती ने पिक्चर में जाति परिवर्तन को लेकर डायरेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं . शहीद संगत सिंह इंदा की पोती ने  कविता के माध्यम से अपने दादा को श्रद्धांजलि देते हुए फिल्म निर्माता से जाति बदलने की बात कही. उनका कहना है कि ​फिल्म बनाने से पहले डायरेक्टर ने परिवार से कोई संपर्क नहीं किया और न ही कोई सटीक जानकारी ली.

दादाजी का नाम 'सगत सिंह इंदा' है ना कि 'सगत सिंह राठौड़'

​सबसे बड़ी गलती शहीद के नाम के साथ की गई है. फिल्म में 'सगत सिंह इंदा' की जगह 'सगत सिंह राठौड़' दिखाया गया है. शहीद की पोती ने भावुक होते हुए एक कविता पढ़ी और कहा कि "हमारे दादाजी ने देश के लिए जान दी, उनकी पहचान 'इंदा' है. फिल्म डायरेक्टर ने बिना पूछे इतिहास और हमारी पहचान को बदल दिया. हम आग्रह करते हैं कि फिल्म में इसे तुरंत सुधारा जाए और 'राठौड़' की जगह 'इंदा' किया जाए."

वही आयोजनकर्ता जसवंत सिंह ने बताया कि इस तरह की फिल्मों से युवाओं को प्रेरणा मिलती है और लोगों को इतिहास के बारे में जानकारी मिलती है और ऐसी फिल्में लगातार बननी चाहिए.

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