Ground Report: नकाबपोश गिरोह का शिकार बन रहे मासूम, भरतपुर के इस गांव में 6 महीने में 3 बच्चों के अपहरण की कोशिश ने उड़ाए होश

Rajasthan News: भरतपुर जिले के गांव वीरमपुरा में पिछले 6 माह में तीन बच्चों का अपहरण हो चुका है. इस घटना के बाद गांव में डर का माहौल है. लेकिन गनीमत रही कि तीनों सुरक्षित हैं.

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Bharatpur Virampura village
NDTV

Bharatpur News:  भरतपुर जिले के गांव वीरमपुरा में बच्चों के अपहरण की घटनाएं बढ़ रही हैं. इलाके में पिछले 6 माह में तीन बच्चों का अपहरण हो चुका है, लेकिन गनीमत रही कि तीनों सुरक्षित हैं. इस घटना के बाद गांव में डर का माहौल है. बच्चों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है, परिवारों को बच्चों की सुरक्षा का चिंता दिन रात सताने लगी है. साथ ही अब तक किसी तरह का कोई सुराग न मिलने के कारण ग्रामीण पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठा रहे हैं. तीनों बच्चों की लगभग एक जैसी कहानी है अपहरणकर्ता बच्चों को निशाना बनाने के लिए 'सम्मोहन' (Hypnotism) और 'धुआं छोड़ने वाली घड़ी' जैसे हाईटेक तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

कब - कब हुई अपहरण की घटना

पहली घटना 6 अगस्त 2025 को 11वीं क्लास के स्टूडेंट अमन का अपहरण किया गया.  दूसरी घटना 21 फरवरी 2026 को पुनीत नाम के बालक का अपहरण किया गया.  तीसरी घटना 6 मार्च को 5वीं क्लास के स्टूडेंट पार्थ का अपहरण किया गया.

गले पर एक विशेष 'घड़ी' टच कर बनाया शिकार

ताजा मामला 10 वर्षीय पार्थ के साथ हुआ. पार्थ ने बताया कि 6 मार्च को वह सुबह 9 बजे अपनी 3 साल की बहन को छोड़ने के लिए भरतपुर बयाना मार्ग स्थित बस स्टैंड गया था. वहां दो बाइकों पर सवार तीन नकाबपोशों ने उसे नशीली टेबलेट मिली कोल्ड ड्रिंक और कुरकुरे देने की कोशिश की. जब पार्थ ने मना किया, तो बदमाशों ने उसके गले पर एक विशेष 'घड़ी' टच कर दी, जिससे धुआं निकला. धुआं सांस के जरिए अंदर जाते ही पार्थ बेसुध हो गया और खुद उनकी बाइक पर बैठ गया. पार्थ के मुताबिक, बदमाशों की बातचीत से पता चला कि वे पहले उसे बयाना ,बयाना से भरतपुर और फिर वहां से बेंगलुरु ले जाएंगे.  होश आने पर पार्थ चलती बाइक से कूद गया और एक खंडहर में छुपकर अपनी जान बचाई.

दूसरी घटना, 500 का नोट देकर किया किडनैप

गांव के दूसरे बच्चे 15 वर्षीय अमन के साथ हुई घटना भी रोंगटे खड़े कर देने वाली है.  6 अगस्त 2025 की शाम कोएक दुकान पर बुक खरीदने गया था. जब उसे बदमाशों ने रास्ता पूछने के बहाने बुलाया और रुमाल सुंघाकर बेहोश कर दिया. होश खोने के बाद बदमाशों ने उसे 500 रुपये का नोट दिया और खुले कराकर लाने के लिए कहा. इस पर अमन ने कई जगह  खुले करवाने की कोशिश की. पर बात नहीं बनी. करीब 2 किमी दूर झील गांव के पास बने सरकारी स्कूल पर उन्होंने उसे पकड़कर अपने साथ ले गए. देर रात अमन को होश आया तो उसने अपने आपको मथुरा रेलवे स्टेशन पर पाया. शहर से इतनी दूर खुद को अकेला पाकर वह डर गया.  उसने लोगों से मदद मांगी.इतने में वहां किसी अजनबी ने उसकी मदद करते हुए फोन पर परिजनों से बता करवाई जिसके बाद आरपीएफ की मदद से उसे घर लाया गया.

तीसरी घटना, परीक्षा देने जा रहे पुनीत पर हमला

गांव जसबंत नगर के पुनीत के साथ 21 फरवरी को तब वारदात हुई जब वह 21 फरवरी 2026 को अपनी विज्ञान की परीक्षा देने के लिए घर से स्कूल जा रहा था.  वह जैसे ही अपने गांव से बाहर पहुंचा तो बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसे लात मारकर गड्ढे में गिरा दिया.  पुनीत अचानक इस घचना से आवाक रह गया. उसने खुद को संभाला , इतने में  बाइक से दो लोगों ने उतरकर अचानक उसे मुंह पर रुमाल सुंघाकर बेहोश करने की कोशिश की. बदमाशों ने उसके शरीर पर सुइयां (पेन) भी चुभाईं. गनीमत रही कि राहगीरों की आहट सुनकर बदमाश उसे वहीं छोड़कर भाग निकले.

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गांव के बाहर एक गड्ढे में पड़ा मिला

पुनीत के पिता चैनिराम ने बताया कि जब जसवंत काफी देर तक घर नहीं आया, तो वे उसे ढूंढने के लिए स्कूल गए, तो टीचरों ने बताया कि पुनीत एग्जाम देने नहीं आया है. जिसके बाद सभी परेशान हो गए और इधर-उधर ढूंढने लगे. हर जगह खोजने के बाद जसवंत गांव के बाहर एक गड्ढे में पड़ा मिला. जब उसे होश आया, तो उसने अपने साथ हुई पूरी घटना बताई. जिस पर सभी को शक हुआ कि हो सकता है कि किडनैपर बच्चे को ले जाने की प्लानिंग कर रहे हों, लेकिन उस समय वहां मौजूद लोगों के शोर के कारण वे ऐसा नहीं कर पाए.

डरे सहमे हुए है गांव के बच्चे

इन तीनों के साथ हुई इस घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. गांव वालों के साथ-साथ उनके बच्चों में भी डर का माहौल है. एक बच्चे असद ने बताया कि तीनों के साथ हुई घटना के बाद सभी बच्चे डरे हुए हैं. अब वे खेलने के लिए बाहर नहीं जाते हैं. यहां तक ​​कि दुकान से सामान खरीदने के लिए भी अकेले जाने के बजाय किसी बड़े सदस्य को साथ ले जाते हैं.

गांव में बढाएं पुलिस गश्त और सीसीटीवी कैमरे लगाए

वही अपहरण की घटनाओं को लेकर ग्रामीणों और गांव के सरपंच राजेंद्र धाकड़ ने बताया कि घटना के बाद बच्चों में डर का माहौल है. वह अपने घरों से नहीं निकलने से बच रहे हैं. इसलिए पुलिस प्रशासन से मांग कि है कि गांव में पुलिस गश्त की जाए और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाए जिससे जो यह लोग इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं उन्हें पकड़ा जा सके.

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गांव में CCTV कैमरे और गश्त बढ़ाने की है मांग

गांव के सरपंच राजेंद्र धाकड़ ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया है. उन्होंने कहा कि वीरमपुरा में बड़ा मार्केट होने के कारण बाहरी लोगों की पहचान मुश्किल है. इसी के चलते इलाके के सदर थाना प्रभारी को कई बार पत्र लिखा है. जिसमें हमने प्रशासन से गांव में CCTV कैमरे लगाए जाएं और पुलिस गश्त तुरंत बढ़ाई जाए ताकि इस गिरोह का पर्दाफाश हो सके.

अपहरणकर्ताओं की जांच में जुटी पुलिस

वही गांव में अपहरण के बढ़ते मामलों को लेकर सदर बयाना थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि इलाके से अपहरण के अब तक तीन मामले संज्ञान में आए हैं जिसकी जांच में पुलिस जुटी हुई है. वह पता लगाने की कोशिश कर रही कि किस तरह के लोग इन घटनाओं का अंजाम दे रहे हैं. जल्दी इन्हें गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाएगी.  साथ ही ग्रामीणों की मांग पर आगे से गश्त को और भी बढ़ाया जाएगा.

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