TSP जिलों में आरक्षण पर विजय बैंसला ने दिया बड़ा बयान, OBC, MBC और EWS के लिए की ये मांग

टीएसपी क्षेत्र के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, सिरोही, चित्तौड़गढ़, राजसमन्द और पाली में आरक्षण की अलग व्यवस्था प्रणाली लागू है. इन जिलों में ओबीसी समेत अन्य वर्गों को अनारक्षित वर्ग में ही रखा जाता है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

राजस्थान में गुर्जर समाज के मुद्दे पर लड़ने वाली गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक अब टीएसपी के मुद्दे पर भी सक्रिय नजर आ रहे हैं. टीएसपी में ओबीसी को आरक्षण नहीं मिलने का मुद्दा पिछले काफी वर्षों से गरमाया हुआ है और लगातार क्षेत्र में ओबीसी की आरक्षण की मांग की जा रही है. अब इसी मामले पर समिति के संयोजक ने बड़ी मांग कर दी है. उन्होंने ओबीसी के साथ एमबीसी और EWS के लिए भी आरक्षण की डिमांड करते हुए कहा कि TSP के 50% कोटे में इन वर्गों को आरक्षण मिलना चाहिए. इस विशेष क्षेत्र के लिए विशेष उपाय करना जरूरी है.

पूरा मामला समझिए

दरअसल, टीएसपी क्षेत्र के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, सिरोही, चित्तौड़गढ़, राजसमन्द और पाली में आरक्षण की अलग व्यवस्था प्रणाली लागू है. इस क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति के लिए 45% आरक्षण की व्यवस्था है. वहीं, अनुसूचित जाति के लिए 5% आरक्षण लागू किया गया है. अन्य 50 फीसदी सीटें सभी वर्गों के लिए अनारक्षित हैं. आसान शब्दों में समझे तो इन जिलों में ओबीसी समेत अन्य वर्गों को अनारक्षित वर्ग में ही रखा जाता है.

नॉन-टीएसपी में ओबीसी को आरक्षण तो टीएसपी में क्यों नहीं?

समिति के संयोजक बैंसला के अनुसार, "संविधान के अनुच्छेद 14-16 सभी पिछड़े वर्गों के लिए समानता की मांग करते हैं. टीएसपी में OBC/MBC (20-25% आबादी) को बिना कोटा या छूट के अनारक्षित में प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है. जबकि नॉन-टीएसपी में ओबीसी को 21% और एमबीसी को 5% आरक्षण मिलता है." इसी वजह से लगातार सवाल उठ रहे हैं कि जब नॉन-टीएसपी में ओबीसी समेत अन्य वर्गों को आरक्षण मिलता है तो टीएसपी में क्यों नहीं?

संघर्ष समिति संयोजक ने दिए ये तर्क

बैंसला ने मांग की है कि टीएसपी क्षेत्र में 50% अनारक्षित कोटे में OBC (21%), MBC (5%) और EWS (10%) के लिए सब-आरक्षण लागू किया जाना चाहिए. सोशल मीडिया पोस्ट साझा करते हुए कई तर्क भी दिए.

Advertisement
  • टीएसपी क्षेत्रों में ओबीसी/एमबीसी (20-25% आबादी) को औसतन सिर्फ 10% नौकरियां मिलती हैं, जबकि गरीबी के आंकड़े 30% से ज़्यादा हैं.
  • एनएसएसओ (NSSO के आंकड़े कहते हैं TSP क्षेत्र में OBC/MBC की साक्षरता राज्य औसत से 10-15% कम है !
  • इन वर्गों को टीएसपी में बिना आरक्षण के संघर्ष करना पड़ता है. यह साफ तौर पर प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है. इसके चलते एक ही राज्य में एक ही वर्ग में दो आरक्षण नीतियां लागू हैं.

यह भी पढ़ेंः राजस्‍थान हाईकोर्ट के वकीलों ने क‍िया हड़ताल, SI भर्ती परीक्षा मामले में होनी थी सुनवाई

Topics mentioned in this article