एक बार फिर आंदोलन की राह पर गुर्जर समाज! आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक में लिया जाएगा फैसला

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति का कहना है कि सरकार की निष्क्रियता से समाज आक्रोशित है. ऐसे में आगामी शहीद दिवस तक अगली रणनीति पर फैसला लिया जाएगा.

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गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति ने एक बार फिर आंदोलन की चेतावनी दी है. रविवार (15 मार्च) को हिंडौन सिटी स्थित कर्नल बैंसला निवास पर गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक संपन्न हुई. बैठक में समिति के कई पदाधिकारी मौजूद रहे. पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार की निष्क्रियता से समाज आक्रोशित है. ऐसे में आगामी शहीद दिवस (23 मई) तक अगली रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा. इस दौरान समिति के अध्यक्ष विजय किरोड़ी सिंह बैंसला, परमाल सिंह खटाणा, रामराज भोपर, कप्तान प्रतापसिंह घांटर, रामावतार बडिया, मोहर सिंह माल, कप्तान रेनडायल, भूपेश पांचोली आदि मौजूद रहे.

समिति का आरोप- एक मांग पूरी हुई, अन्य लंबित

पिछले साल 8 जून को गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति और सरकार के बीच समझौता हुआ था. इस समझौते के तहत शहीद रूपनारायण के परिजन को अनुकम्पा नियुक्ति दी गई, लेकिन अन्य सभी मांगे पिछले 10 महीने से लंबित हैं. संघर्ष समिति का आरोप है कि साल 2023 से मार्च-2026 तक किसी भी मुकदमे का निस्तारण नहीं हुआ है. जबकि नवंबर-2023 में 42 केस में कथित तौर से निस्तारण हुआ, उनके एफआईआर नंबर अभी तक गृह विभाग ने समाज के साथ साझा नहीं किए और न ही अभी तक कोई केस वापस हुआ है. साथ ही देवनारायण योजना के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई. समिति ने इस बात पर सहमति जाहिर की है कि हर महीने होने वाली देवनारायण रिव्यु मीटिंग में संबंधित मंत्री से चर्चा भी की जाएगी. 

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समाज में इन मुद्दों पर भी आक्रोश

  • RJS में बैकलॉग का क्रियान्वयन अभी तक नहीं हुआ है. जबकि राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा निर्देश दिए जा चुके हैं. 
  • आरक्षण आंदोलन के दौरान करौली में दर्ज दर्ज अभियोग संख्या 354/2008 , प्रकरण संख्या 4/2016 सरकार बनाम बदन में सम्पत्ति कुर्की के आदेश हुए थे. इस मामले की जानकारी भी सरकार को साल 2024 में दी गई थी. डेढ़ साल बाद भी मामले में कार्यवाही नहीं हुई. 
  • सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया  कि कुशालीदर्रा (सवाई माधोपुर) में शहीद स्थल स्थित चबूतरे पर शहीदों की मूर्ति का अनावरण किया जायेगा. यह कार्यक्रम शहीद दिवस के मौके पर ही होगा. खंडार से स्थानीय विधायक से पिछले 3 साल से इस संबंध में मांग की गई. लेकिन अब मांग पूरी नहीं होने के चलते समाज खुद यह काम करेगा. 
  • TSP क्षेत्र में MBC आरक्षण लागू करने की मांग भी की गई.  

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