विज्ञापन

राजस्थान में ओलावृष्टि से किसानों पर दोहरी मार, गेंहू का नुकसान... मंडियों में नहीं मिल रहा दाम

राजस्थान में एक तरफ बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसल खराब हो गई है. वहीं दूसरी ओर जो उन्हीं फसलों को लेकर मंडी में सही दाम भी नहीं मिल पा रहे हैं. (बारां से अर्जुन अरविंद की रिपोर्ट)

राजस्थान में ओलावृष्टि से किसानों पर दोहरी मार, गेंहू का नुकसान... मंडियों में नहीं मिल रहा दाम
किसानों पर दोहरी मार

Rajasthan Farmer: राजस्थान में असमय बारिश और ओलावृष्टि जहां आम लोगों के लिए गर्मी से राहत भले ही दे रही है. लेकिन प्रदेश के किसानों पर दोहरी मार पड़ी है. किसानों की सबसे अहम गेंहू की फसल खराब होने से अब उनके आखों में आंसू आ गए हैं. क्योंकि एक तरफ बारिश और ओलावृष्टि से फसल खराब हो गई है. वहीं दूसरी ओर जो उन्हीं फसलों को लेकर मंडी में सही दाम भी नहीं मिल पा रहे हैं. ऐसे में किसानों को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ रही है. प्रदेश के ज्यादातर किसानों का हाल ऐसा ही है.

न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP से कम दाम 

बारां जिले में इस बार गेहूं की फसल किसानों के लिए संकट बन गई. बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने जहां खड़ी फसल को बर्बाद कर दिया, वहीं जो फसल बची है, उसे भी मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP से कम दाम मिल रहा है. ऐसे में किसान दोहरी मार झेल रहे हैं.

कटाई के लिए फसल पूरी तरह बर्बाद

बारां जिले के ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि ने गेहूं की तैयार फसल को मार्च अंत और अप्रैल के फर्स्ट वीक में भारी नुकसान पहुंचाया है. खेतों में खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई थी, जिससे बालियां झड़ी और दानों की गुणवत्ता खराब हो रही है. कई किसानों की कटाई के लिए तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है. किसान हरि ओम मीणा ने कहा फसल पूरी तरह खराब हो गई है, और जो बची है उसका भी सही दाम नहीं मिल रहा. MSP से कम में बेचने को मजबूर हैं.”

बची हुई फसल के दाम नहीं

दूसरी ओर, जिन किसानों की फसल बच गई है, उन्हें भी राहत नहीं मिल रही. कृषि उपज मंडियों में गेहूं का भाव MSP से नीचे चल रहा है. ऐसे में किसान मजबूरी में अपनी उपज कम दाम पर बेचने को विवश हैं.
किसानों का कहना है कि यदि सरकार समय पर MSP पर खरीद सुनिश्चित करे, तो उन्हें बड़ी राहत मिल सकती है. साथ ही खराब मौसम को देखते हुए बोनस या अतिरिक्त सहायता की भी मांग की जा रही है.

बारां में गेहूं की फसल इस वक्त प्राकृतिक आपदा और बाजार की अनिश्चितता के बीच फंसी हुई है. किसानों का कहना है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो उनकी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिल पाएगा और वे कर्ज के बोझ तले दब जाएंगे.

यह भी पढ़ेंः कमर्शियल LPG गैस को लेकर राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला, जानें किन लोगों को मिलेंगे 19 किलो वाला गैस

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close