भक्ति, आस्था और अटूट विश्वास का संगम. यह नजारा है श्री गंगानगर जिला मुख्यालय पर स्थित 'श्रीबालाजी धाम' का, जहां हनुमान जयंती के पावन अवसर पर उत्सव का माहौल है. पिछले 25 सालों से यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है. मान्यता है कि यहां जो भी सच्चे मन से मन्नत मांगता है, पवनपुत्र उसकी मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं.
अखंड राम नाम का जाप
इस बार का उत्सव बेहद खास है, क्योंकि हनुमान जयंती के साथ-साथ मंदिर अपना 25वां स्थापना दिवस भी मना रहा है. मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सुभाष टांटिया ने बताया कि इस अवसर पर चार दिवसीय भव्य आयोजन किया गया है, जिसमें दिन-रात 'अखंड राम नाम' का जाप गूंज रहा है. साथ ही श्रद्धालुओं के लिए विशाल लंगर की व्यवस्था भी की गई है.
25 साल से जल रही अखंड दीप
धाम की सबसे बड़ी विशेषता यहां प्रज्जवलित अखंड ज्योत है. श्रीगणेश की ज्योति रणथंभौर से और हनुमानजी की ज्योति सालासर धाम से पैदल लाकर यहां स्थापित की गई थी, जो पिछले 25 वर्षों से अनवरत जल रही है. आज भी आसपास के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु पैदल यात्रा कर बाबा के दरबार में पहुंच रहे हैं, और बाबा को फल और सूखे मेवों का भोग लगा रहे हैं. बालाजी को लगने वाले 160 सवामणी का भोग मंदिर के ऊपर बनी निर्माण स्थल से सीधा पूजा स्थल पर हाईटेक तरीके से आता है.
160 सवामणी का भोग लगाया
प्रसाद की बात करें तो इस वर्ष करीब 160 'सवामणी' का भोग लगाया जा रहा है. आधुनिक व्यवस्था ऐसी है कि भोग निर्माण स्थल से सीधा हनुमान जी की मूर्ति के सामने पहुंचता है. भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं. 200 सेवादारों की टीम और चप्पे-चप्पे पर लगे सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है.
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