हनुमानगढ़ में SIR प्रक्रिया पर बवाल, जिंदा मतदाताओं को मृत दिखाकर वोट काटने का आरोप; कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन 

राजस्थान में हनुमानगढ़ के जंडावाली गांव में SIR प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जिंदा मतदाताओं को मृत बताकर उनके वोट काट दिए गए हैं.

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हनुमानगढ़ में SIR प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है.

Rajasthan News: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में Special Intensive Revision SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं. जंडावाली गांव के ग्रामीणों का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में नाम बिना सही जांच के हटा दिए गए. ग्रामीणों के अनुसार यह केवल तकनीकी गलती नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिससे लोगों को मतदान से वंचित किया जा सके.

कलेक्ट्रेट पर ग्रामीणों का प्रदर्शन

मंगलवार को जंडावाली गांव के सैकड़ों ग्रामीण जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया. हाथों में तख्तियां लेकर ग्रामीणों ने नारेबाजी की और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए. प्रदर्शन में महिलाओं और बुजुर्गों की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली.

जिंदा लोगों को मृत दिखाने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि जो लोग वर्षों से नियमित रूप से मतदान करते आ रहे हैं उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए. कई मामलों में जिंदा लोगों को मृत दिखाया गया जबकि कुछ को अपात्र बताकर वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया. ग्रामीणों का कहना है कि न तो किसी प्रकार का भौतिक सत्यापन हुआ और न ही उन्हें कोई सूचना दी गई.

ज्ञापन सौंपकर रखी मांगें

प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. इसमें मांग की गई कि सभी आपत्तियों की निष्पक्ष जांच की जाए. जिन जिंदा मतदाताओं के नाम काटे गए हैं उन्हें तुरंत मतदाता सूची में जोड़ा जाए. साथ ही इस लापरवाही या साजिश में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.

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प्रशासन ने दिया आश्वासन

मामले पर एसडीएम हनुमानगढ़ मांगीलाल सुथार ने कहा कि SIR प्रक्रिया के तहत प्राप्त सभी आपत्तियों की नियमानुसार सुनवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी जिंदा व्यक्ति का नाम जानबूझकर नहीं काटा जाएगा. यदि जांच में त्रुटि पाई जाती है तो तुरंत सुधार कर नाम जोड़ा जाएगा.

आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर और माकपा नेता रघुवीर वर्मा भी शामिल हुए. नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करती है.

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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अगर उनके वोट अधिकार बहाल नहीं किए गए तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे. फिलहाल जिला प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया है और पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है.

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