घूंघट की आड़ में छिपा था प्यार, और उसी प्यार के लिए रच दी गई मौत की खौफनाक साजिश. पति को रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ ऐसा खेल खेला कि पूरा परिवार इसे आत्महत्या समझ बैठा, लेकिन पुलिस की जांच ने परत-दर-परत ऐसा राज खोला कि हर कोई सन्न रह गया. अब दो साल बाद अदालत ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है.
आत्महत्या का रूप देने की कोशिश
राजस्थान के झालावाड़ जिले के सुनेल थाना क्षेत्र के संगरिया गांव में साल 2024 में शिवराज सिंह की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था. सुबह जब परिवार के लोग घर पहुंचे तो शिवराज सिंह चारपाई पर मृत मिले. उनके हाथ में हीटर की स्प्रिंग लिपटी हुई थी और सिर से खून बह रहा था. शुरुआत में इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियों ने पुलिस के शक को गहरा कर दिया.
पत्नी का था अवैध संबंध
पुलिस ने हर पहलू से जांच शुरू की. पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर शक की सुई मृतक की पत्नी किरण कंवर पर जाकर टिक गई. जांच में सामने आया कि किरण कंवर का सुरेन्द्र सिंह नाम के युवक से अवैध प्रेम संबंध था. पति शिवराज सिंह इन रिश्तों का विरोध करता था, और यही दोनों के बीच सबसे बड़ी रुकावट बन गया.
करंट लगाकर मारा
आरोप है कि पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर शिवराज सिंह की हत्या की साजिश रची. योजना के तहत उसे हीटर की स्प्रिंग से करंट लगाकर मौत के घाट उतार दिया गया, और पूरे मामले को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने वैज्ञानिक जांच, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया.
23 गवाहों के बयान दर्ज कराए
मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 23 गवाहों के बयान दर्ज कराए, और 65 दस्तावेजी सबूत अदालत के सामने पेश किए. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद भवानीमंडी एडीजे कोर्ट के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव दत्तात्रेय ने पत्नी किरण कंवर और उसके प्रेमी सुरेन्द्र सिंह को हत्या का दोषी करार दिया.
कोर्ट ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही प्रत्येक पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है. इस फैसले के साथ दो साल पुराने चर्चित हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया पूरी हुई और पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला.
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