Rajasthan News: बालोतरा में करीब 60 से 70 साल से चल रहे पारंपरिक बंधेज, टाई डाई और ब्लॉक प्रिंटिंग उद्योग पर संकट के बादल गहराने लगे है. कस्बे के कई मोहल्लों में आवासीय मकानों में चलने वाले इस कुटीर उद्योग को अब प्रदूषण नियमों की सख्ती के चलते बंद करवा दिया गया है. बालोतरा ने वाडिया मस्जिद, नूरानी मोहल्ला, नीलम सिनेमा के पीछे आदि इलाकों में करीब 100 से अधिक रंगरेज या छिपा जाति के परिवार द्वारा चुनरी, साफा, सलवार सूट आदि की प्रिंटिंग और रंगाई के कार्य किया जाता रहा है. इसी हैंड प्रोसेस कार्य से उनके रोजी रोटी का जुगाड़ होता था, अब नगरपरिषद और प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा प्रदूषण नियमों का हवाला देते हुए बन्द करवा दिया गया. इस कारोबार अधिकतर महिलाएं जुड़ी हुई है जो नेचुरल कलर से प्रिंटिंग व हाथों से कपड़ा की रंगाई का कार्य करती थी. अब कामकाज बन्द होने से इनके परिवारों पर रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है.
सरकार ने दिया था हस्तकला का दर्जा
प्रदूषण नियमों की सख्ती के बाद आवासीय कॉलोनियों में इस हैंड प्रोसेस कार्य के बन्द होने से इस कार्य से जुड़े रंगरेज मायूस नजर आ रहे है, उनका कहना है सरकार ने हमें हस्तकला का दर्जा दे रखा है, रियासत काल चले आ रहे इस कुटीर संरक्षण व संवर्धन लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं और कार्यक्रम चला रही है. बिना किसी मशीनरी के घरों में चलने वाले इस रंगाई व प्रिंटिंग से कई घरों का चूल्हा जलता है, मशीनरी से प्रतिस्पर्धा के बावजूद सैकड़ों लोग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इस कारोबार से जुड़े हुए है. अब इसको बन्द करने पर सभी लोग प्रभावित हो रहे है.

रिको इलाके में भू खण्ड आवंटन की मांग
सरकार अब बेरोजगार हुए लोगों के बारे में विचार करें और रिको में एक ब्लॉक का आवंटन करे ताकि उनको रोजगार उपलब्ध जो सके. हमने विधायक, जिला कलेक्टर से भी इसको लेकर मांग की है. अब तीन माह से उद्योग बन्द होने से उनकी परेशानियां बढ़ने लगी है. आने वाले बजट में इस हद प्रोसेस उद्योग के लिए रिको इलाके में भू खण्ड आवंटन की मांग की.

बालोतरा के कपड़ा उद्योग में करीब 1 हजार कपड़ा इकाइयों रोजाना हजारों मीटर कपड़ा रंगाई -छपाई का कार्य के लिए मशीनरी की गड़गड़ाहट के बीच हाथ से कार्य करने वाले इन परिवारों द्वारा विधायक से लगाकर अधिकारियों तक गुहार लगाई गई. राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने भी रिको व जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर चित्तौड़गढ़ में का उदाहरण देते बताया कि सरकार ने वहां इन हैंड प्रोसेस उद्योग के लिए एक अलग ब्लॉक की व्यवस्था की है इसी तर्ज पर बालोतरा रिको क्षेत्र में इनके रोजगार की व्यवस्था की जाए. विधायक अरुण चोधरी ने भी इन बेरोजगार हुए परिवारों को आश्वासन दिया है.