राजस्थान के तीन जिलों में अनाज एटीएम खुलने जा रहा है. जिससे जहां से खाद्य सुरक्षा के लाभार्थी अपने राशन कार्ड के जरिए राशन ले सकेंगे. राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बुधवार को जानकारी दी कि जयपुर, भरतपुर और बीकानेर जिलों में 'अनाज एटीएम' खुलेगा. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का सबसे ज्यादा लाभ ऐसे मजदूर परिवारों को होगा जो सुबह जल्दी काम पर निकल जाते हैं और देर रात तक घर लौटते हैं.
घनी बस्तियों में खोले जाएंगे अनाज एटीएम
खाद्य मंत्री ने कहा कि लाभार्थियों की सुविधा के लिए अनाज एटीएम खोलने का नवाचार किया जा रहा है. ये अनाज एटीएम घनी बस्तियों में संचालित किए जाएंगे, ताकि अधिक संख्या में लाभार्थी परिवार इस सुविधा का लाभ उठा सकें. उन्होंने कहा कि ये एटीएम सामुदायिक केंद्र, भारतीय खाद्य निगम के गोदाम या राशन की दुकान के पास स्थापित किए जाएंगे.
मंत्री ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 4.35 करोड़ लाभार्थी खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल है. इस प्रकार लगभग 11 लाख रिक्तियां एनएफएसए में आज भी मौजूद है जिनको भरने के लिए लगातार आवेदन लिए जा रहे हैं. खाद्य सुरक्षा योजना से अपात्रों को हटाने के लिए जारी अभियान के बारे में सुमित गोदारा ने बताया कि गिवअप अभियान के तहत प्रदेश में 54.36 लाख से अधिक सम्पन्न लोगों ने स्वेच्छा से जरूरतमंदों के हक का गेहूं लेना छोड़ा है.
अपात्रों लोगों के खिलाफ होगी कार्रवाई
खाद्य मंत्री ने कहा कि 28 फरवरी को अभियान के समय सीमा समाप्त होने के बाद स्वेच्छा से गिव अप नहीं करने वाले अपात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. गिवअप अभियान के तहत अपात्रों द्वारा स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ने और करीब 27 लाख एनएफएसए लाभार्थियों द्वारा ई केवाईसी नहीं करवाए जाने से 81 लाख वंचित पात्रों के लिए खाद्य सुरक्षा सूची में रिक्तियां बनी. यह संख्या प्रदेश में वर्तमान खाद्य सुरक्षा लाभार्थियों का 18.6 प्रतिशत है.
पिछले साल 26 जनवरी को खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुन: प्रारंभ किए जाने के बाद अब तक लगभग 73 लाख वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा जा चुका है. जयपुर जिले में सबसे अधिक 3.17 लाख वंचित पात्रों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया है. 3.07 और 3.04 लाख पात्र लाभार्थियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जोड़कर बाड़मेर दूसरे और सीकर तीसरे स्थान पर रहा.
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