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वासुदेव देवनानी की दो पुस्तकों का हुआ विमोचन, सीएम और नेता प्रतिपक्ष के साथ विधायक रहे मौजूद

विधानसभा सत्र के समाप्त होने के बाद देवनानी की पुस्तक “संसदीय संस्कृति का उत्कर्ष: नवाचारों के दो वर्ष” और  “सनातन का साधक” का विमोचन किया गया.

वासुदेव देवनानी की दो पुस्तकों का हुआ विमोचन, सीएम और नेता प्रतिपक्ष के साथ विधायक रहे मौजूद

Vasudev Devnani Book: विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की दो पुस्तकों के विमोचन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत बड़ी संख्या में विधायक मौजूद रहे. कार्यक्रम में विधानसभा की संसदीय परंपराओं, नवाचारों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर चर्चा हुई तो वक्ताओं ने आपस में चुटकी भी ली.  देवनानी की पुस्तक “संसदीय संस्कृति का उत्कर्ष: नवाचारों के दो वर्ष” और  “सनातन का साधक” का विमोचन किया गया.

सीएम भजनलाल ने रखे अपने विचार

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विधानसभा का एक-एक मिनट कीमती है और इसका उपयोग प्रदेश की जनता के हित में होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर सदन के 10 मिनट भी खराब होते हैं तो जनता का नुकसान होता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने पिछले दो वर्षों में सदन का संचालन गरिमा के साथ किया है और संसदीय परंपराओं व संविधान की मर्यादा का पूरा ध्यान रखा है. उन्होंने पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका को लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अच्छे सुझावों पर सरकार को जरूर विचार करना चाहिए.

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की पुस्तक “संसदीय संस्कृति का उत्कर्ष: नवाचारों के दो वर्ष” का विमोचन किया गया. इस पुस्तक में विधानसभा में पिछले दो वर्षों में किए गए नवाचारों और संसदीय परंपराओं की यात्रा को दर्ज किया गया है. इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन पर आधारित पुस्तक “सनातन का साधक” का भी विमोचन हुआ.

भविष्य में एआई तकनीक विधानसभा में लाया जाएगा

इस अवसर पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा को अधिक जीवंत, जनोन्मुख और पारदर्शी बनाने के लिए कई पहलें की गई हैं. उन्होंने बताया कि विधानसभा को डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में काम हुआ है, समितियों की बैठकों में डिजिटल हस्ताक्षर शुरू किए गए हैं और प्रवेश पास प्रणाली को भी पेपरलेस बनाने की तैयारी है. साथ ही भविष्य में एआई तकनीक को भी विधानसभा में लाने पर विचार किया जा रहा है.

देवनानी ने बताया कि विधानसभा म्यूजियम को आमजन के लिए खोला गया है और अब तक करीब 50 हजार लोग इसे देख चुके हैं. म्यूजियम में संविधान के 22 अध्यायों को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित करने वाली संविधान गैलरी भी बनाई गई है. उन्होंने बताया कि विधानसभा परिसर में कारगिल शौर्य वाटिका बनाई गई है और जल्द ही हर्बल वाटिका और नक्षत्र वाटिका भी विकसित की जाएंगी.

टीकाराम जूली ने भी रखे विचार

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि विधानसभा की परंपरा निरंतर आगे बढ़ती रहती है. उन्होंने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी के योगदान को याद करते हुए कहा कि संस्थाओं का विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और नए अध्यक्ष उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हैं. उन्होंने विधानसभा को डिजिटल बनाने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे कागज की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी.

कार्यक्रम में विधानसभा में प्रस्तावित सेंट्रल हॉल के विचार का भी जिक्र किया गया, जहां पक्ष-विपक्ष के सदस्य अनौपचारिक संवाद कर सकेंगे. देवनानी ने बताया कि भविष्य में 280 विधायकों की बैठक क्षमता को ध्यान में रखते हुए नए हॉल के निर्माण की योजना है.

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