राजस्थान में 2 महिलाओं से लोन के नाम पर हुई धोखाधड़ी, शातिरों ने लूटे लाखों रुपये

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में 2 आरोपियों ने 2 महिलाओं को लोन का झांसा देकर उनके साथ लाखों रुपये की साइबर ठगी कर दी. 

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साइबर ठगी के आरोप में पकड़े गए आरोपी

Rajasthan Online Fraud Case: राजस्थान में साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इसमें शातिर कम पढ़े- लिखे लोगों को अपने झासे में लेते हैं और उसके साथ कोई बड़ा फ्राड कर देते हैं. ऐसा ही एक मामला चित्तौड़गढ़ जिले से निकलकर सामने आया है. जहां 2 आरोपियों ने निम्बाहेड़ा शहर के अम्बानगर निवासी दो महिलाओं को लोन दिलाकर उनके मोबाईल से कोड चुराकर लोन राशि को दुसरे खातों में ट्रांसफर करके साइबर ठगी की. इन आरोपियों को गिरफ्तार करने में साइबर पुलिस थाने को सफलता मिली है. व्यापारी बनकर ई-मित्र संचालक के खाते में ट्रांसफर कर उससे नगद राशि लेकर फरार हुए थे.

लोन का झांसा देकर लूटे रुपये

पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि निम्बाहेड़ा के अम्बानगर निवासी सुनिता पत्नी कन्हैया लाल और सीता बाई पत्नी लाला राम ने कोतवाली निम्बाहेड़ा थाना पर दी. रिपोर्ट के अनुसार सुनीता ने 12 जनवरी को 8 लाख 45 हजार का लोन लिया था. 25 जनवरी को दो व्यक्ति उनसे और सीता बाई से मिलें. दोनों व्यक्तियों नें उन्हें लोन दिलवाने और बढ़ाने के झांसे में फंसा कर 31 जनवरी को चित्तौड़गढ़ स्थित एसबीआई बैंक में बुलाया. दोनों युवकों ने अपना नाम अंशु और यशवंत बताया.

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दोनों महिलाओं से की जालसाझी

दोनों महिलाएं एस.बी.आई बैंक चित्तौड़गढ़ पहुंची. जहां आरोपियों ने कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करवाये, जिससे उसी दिन सीता बाई के खाते में 6 लाख 98 हजार रूपये आ गये. लेकिन सुनीता का लोन नहीं बढ़ने से आरोपियों ने दोनों महिलाओं के मोबाईल लेकर थोड़ी देर में वापस दे दिये. दोनों महिलाएं अपने घर चली गई. आठ फरवरी को सुनीता के खाते से तीन लाख और सीता बाई के खाते से एक-एक करके तीन बार में 5 लाख 49 हजार 900 रूपये निकल गये. इस मामले पर साइबर थाना पर धोखाधड़ी और IT एक्ट में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया. साइबर ठगी के मामले की गंभीरता के मद्देनजर एक विशेष टीम का गठन कर अज्ञात बदमाशों की तलाशी शुरू की गई. 

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ऐसे देते हैं वारदात को अंजाम

पुलिस जांच के अनुसार ठगों द्वारा महिलाओं के मोबाईल में एप्प डाउनलोड कर उनके पासवर्ड चुरा लिये. उसके बाद निम्बाहेड़ा में एक ई-मित्र की दुकान पर जाकर ई-मित्र संचालक से बोला कि मैं आपको 40 हजार रूपये ऑनलाईन कर देता हूं आप मुझे इसका कैश दे दिजिए. आरोपी ने 40 हजार के बजाय 4 लाख खाते में ट्रांसफर कर दिये और जिस पर ई-मित्र वाले नें जैसे-तैसे करके चार लाख उनको नकद दिये. थोड़ी देर बाद वापस 3 लाख रूपये उसी ई-मित्र वाले के खाते में ऑनलाईन ट्रांसफर कर दिए और बोला कि मेरे पिताजी और मेरी माताजी के खाते में ट्राजेक्शन कर रहे थे, जो गलती से आपके खाते में आ गये. ई-मित्र वाले ने फिर जैसे तैसे करके तीन लाख उनको वापस नगद दिये और इसी प्रकार डेढ़ लाख और एक अन्य ई-मित्र वाले के ऑनलाईन ट्रांसफर करके नगद लेकर फरार हो गये.

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आरोपियों की हुई पहचान

आरोपियों की पहचान हेतु तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया गया. भवानीमंडी, रामगंज मण्डी झालावाड़ की तरफ आरोपियों के होने से एक टीम गठित कर भेजी गई. जहां से दोनों आरोपियों को डिटेन कर लिया गया. जिनसे विस्तृत पुछताछ कर आरोपी 27 वर्षीय शुभम सैन और 23 वर्षीय सौरभ सैन निवासी गोवर्धन नाथ के मन्दिर के पीछे रामगंज मण्डी जिला कोटा हाल ज्ञान विहार स्कूल के पीछे भेसोदा मण्डी तहसील भानपुरा निवासी मन्दसौर को गिरफ्तार किया गया.

दोनों आरोपी सगे भाई

दोनों आरोपी सगे भाई है, जो इस तरह की वारदात करके अपनी जगह और हुलिया बदल लेते है. इन्होंने राजस्थान और मध्यप्रदेश के कई शहरों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है. अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमाण्ड पर लिया गया. इनसे अन्य वारदातों के बारे में पता लगाया जायेगा और फ्रॉड की गई राशि बरामद की जायेगी.

कम पढ़े लिखे लोगों को लेते थे झांसे में 

कम पढ़े-लिखे लोगों को लोन दिलवाने का झांसा देकर उनसे उनके मोबाईल लेकर लोन दिलवाते हैं. मोबाईल में नेट बैंकिग चालु करके उन राशि को व्यापारी बनकर ई-मित्र वालों के खाते में कम राशि निकालने का बहाना बनाकर, उनके खातों में गलती से बड़ी राशि ट्रांसफर करके उनसे नगद लेकर दूसरी जगह चले जाना ही इनका पेशा है. ये आरोपी हुलीया बदल लेते हैं जिससे पुलिस उनको पकड़ नही सके.

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