Jaipur News: कहते हैं कि कानून के हाथ लंबे होते हैं, लेकिन राजस्थान पुलिस के मामले में यह कहावत 'देर आए दुरुस्त आए' जैसी साबित हो रही है. लाडनूं विधायक मुकेश भाकर और जज कोमल मीणा की शादी को हुए करीब एक महीना बीत चुका है, लेकिन उस दिन सीकर रोड पर जो ट्रैफिक जाम लगा था, उसका 'चालान' अब पुलिस अधिकारियों के नाम कटा है.
शादी निपट गई, पर 'जांच' जारी थी
बीती 9 मार्च 2026 को जयपुर के सीकर रोड पर इस हाई-प्रोफाइल शादी के दौरान जबरदस्त हंगामा और घंटों का ट्रैफिक जाम देखा गया था. एंजल रिसोर्ट में सचिन पायलट और अशोक गहलोत जैसे दिग्गजों के पहुंचने से पूरा इलाका वीवीआईपी जोन बन गया था. शादी की तस्वीरें तो सोशल मीडिया पर वायरल होकर ठंडी भी पड़ गईं, लेकिन पर्दे के पीछे पुलिस मुख्यालय (PHQ) इस जाम की फाइल तैयार कर रहा था.
1 महीने बाद क्यों हुई कार्रवाई?
दरअसल, स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश पिछले कई दिनों से इस मामले की बारीकी से जांच कर रहे थे. एक महीने तक चली इस जांच में सीसीटीवी फुटेज और ड्यूटी चार्ट को खंगाला गया. जब यह साफ हो गया कि ट्रैफिक मैनेजमेंट में भारी कोताही बरती गई थी और कई वीआईपी भी इस जाम में फंसे रहे, तब जाकर अब अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं.
नोटिस की जद में आए ये बड़े नाम
राजस्थान पुलिस में यह पहली बार देखा जा रहा है कि एक महीने पुराने ट्रैफिक जाम के लिए इतने बड़े अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है. कार्रवाई की लिस्ट में ACP चोमू (IPS) उषा यादव, किशोर सिंह भदौरिया, TI मंजू चौधरी, हरमाड़ा SHO उदय सिंह, संपत राज और नवरत्न धोलिया जैसे कई नाम शामिल हैं.
सामाजिक मिसाल बना ये विवाह
हालांकि, हंगामे से हटकर देखें तो यह शादी राजस्थान के सामाजिक ताने-बाने के लिए एक मिसाल भी रही. जाट समुदाय के मुकेश भाकर और मीणा समुदाय की जज कोमल मीणा का यह अंतरजातीय प्रेम विवाह सोशल मीडिया पर काफी वायरल रहा. शादी के कार्ड से लेकर पैतृक गांव में हुए प्री-वेडिंग समारोह तक, हर तरफ इस शादी की चर्चा थी. लेकिन अब शादी की यादों के साथ-साथ यह नोटिस और पुलिस पर हुई कार्रवाई भी इस चर्चा का हिस्सा बन गई है.