Iran-Iraq War Impact: ईरान और इजरायल ( Iran-Israel War) के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव ने मध्य खाड़ी( Middle East Country) देशों के पर्यटकों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है. इस भू-राजनीतिक संकट के बीच राजस्थान के जोधपुर (jodhpur) से गए लगभग 120 श्रद्धालु वर्तमान में दुबई में फंसे हुए हैं. जिनका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में ये श्रद्धालु इस कठिन समय में होली के गीतों और भगवान के भजनों से अपना मनोबल बनाए रख रहे है जिसमें उनका हौसला उनके साथ गए जोधपुर के दो संत अमृत राम महाराज और मनोहर दास महाराज शामिल हैं
भय के माहौल में भक्ति का संबल
वीडियो में देखा जा सकता है कि दुबई में फंसे श्रद्धालु भय के माहौल से गुजर रहे हैं, लेकिन संतों के सानिध्य ने उनके डर को भक्ति में बदल दिया है.सभी श्रद्धालुओं ने होली के अवसर पर दुबई के होटल में युद्ध के साए को भूलकर कुछ पल के लिए वही 'भागवत उत्सव' का आयोजित किया. इस दौरान दोनों संतों ने श्रद्धालुओं के साथ मिलकर भजन-कीर्तन और होली के पारंपरिक गीतों का आनंद लिया जिससे श्रद्धालुओं के अंदर डर को कम किया जा सके. इस वीडियो में देखा जा सकता है जोधपुर से गए 100 से अधिक भक्त संतों के सान्निध्य में इस तनावपूर्ण स्थिति में भी उनके चेहरों पर मुस्कान बरकरार है.
देखें श्रद्धालुओं का वीडियो
वीडियो कॉल से रामप्रसाद महाराज ने बंधाया ढांढस
वही कल ( रविवार ) को इस खबर के सामने आने के बाद जोधपुर के बड़े रामद्वारा के मुख्य महंत रामप्रसाद महाराज ने खुद वीडियो कॉलिंग के जरिए दुबई में मौजूद संतों और श्रद्धालुओं से सामूहिक बातचीत की है. महंत ने सभी का हौसला बढ़ाते हुए कहा, 'घबराएं नहीं, ईश्वर की कृपा और केंद्र सरकार का सहयोग हमारे साथ है. आप सभी की सुरक्षित और जल्द घर वापसी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.'
सरकार और प्रशासन की सक्रियता
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनकी जल्द वतन वापसी को लेकर भारत की केंद्रीय सरकार और राजस्थान की राज्य सरकार पूरी तरह से लगातार प्रयास कर रही है. सीएम भजनलाल शर्मा लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. वही केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी लगातार दुबई में भारतीय दूतावास और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि श्रद्धालुओं को जल्द से जल्द सुरक्षित भारत लाया जा सके. इसके अलावा राज्यसभा सदस्य राजेंद्र गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और जेडीए के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र सोलंकी भी श्रद्धालुओं को सुरक्षित भारत लाने में हर तरह की संभव मदद करने में जुटे हुए हैं.