बलजीत यादव की गिरफ्तारी लीगल है या नहीं? स्पोर्ट्स किट खरीद घोटाले में 3 दिन की ED रिमांड

निर्दलीय विधायक बने बलजीत यादव ने गहलोत सरकार को समर्थन दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी सरकार को घेरा. उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में नकल, फर्जीवाड़े और गुरुकुल युनिवर्सिटी के फर्जीवाड़े पर सरकार को घेरा था.

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बलजीत यादव (फाइल फोटो)

Rajasthan News: बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को गिरफ्तारी के बाद ईडी ने MLA फंड घोटाले में बुधवार को कोर्ट में पेश किया. जयपुर की विशेष अदालत ने लंबी बहस के बाद बलजीत यादव को तीन दिन (07 फरवरी तक) की रिमांड पर भेज दिया है. ईडी ने बलजीत यादव को मंगलवार देर रात जिस मामले में गिरफ्तार किया था, वह स्पोर्ट्स किट खरीद घोटाले से जुड़ा है. कोर्ट से ईडी की तीन दिन की रिमांड पर भेजे जाने से पहले पूर्व विधायक बलजीत यादव ने कहा कि कलयुग का अभिमन्यु हूं, जीतकर के बाहर निकलूंगा.

'मंदबुद्धि बेटे को बनाना चाहते विधायक' 

बलजीत यादव ने बहरोड़ विधायक जसवंत यादव पर उन्हें फंसाने के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि वे खुद स्टेज 4 कैंसर से जूझ रहे हैं और अपने मंदबुद्धि बेटे को विधायक बनाना चाहते हैं. इसलिए मुझे फंसाया जा रहा है. मुझे कानून पर भरोसा है, सत्यमेव जयते होगा. उन्होंने कहा कि एमएलए केवल अनुशंसा करता है. उनका बाकी कोई लेना देना नहीं होता. ऐसा पहली बार हुआ है कि हाइकोर्ट के स्टे के बावजूद गिरफ्तारी हुई है. 

यह पहला मौका नहीं है, जब बलजीत यादव ने जसवंत यादव पर आरोप लगाए हैं. दोनों ही नेताओं के बीच कई बार जुबानी जंग हुई है. वहीं, अक्टूबर 2024 में जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव और बलजीत यादव के समर्थकों में झड़प भी हुई थी. 

बलजीत यादव केस में कोर्ट के सामने प्रश्न

याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट भानूप्रकाश शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने बलजीत यादव को तीन की रिमांड पर भेजा है. 7 तारीख को दोबारा पेश करना होगा. कोर्ट के सामने दो बड़े प्रश्न थे. एक तो ये अरेस्ट लीगल है या इल लीगल. दूसरा 6 दिन का रिमांड मांगा था, यह दी जाए या नहीं. हमनें तर्क दिया है कि जब जब इन्हें समन से बुलाया, वे पेश हुए हैं. फिर भी ईडी ने जानबूझकर यह कार्रवाई की है. 

वहीं ईडी की ओर से एडवोकेट अपेक्षा तिवाड़ी ने बताया कि आरोपी को 2025 में तीन बार समन किया गया, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया. हमारी एप्लिकेशन को पार्शियली अनुमति दी गई है. आरोपी ने गिरफ्तारी को चुनौती दी है. कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुन ली है, लेकिन इस बारे में अभी कोई आदेश पारित नहीं किया है. बता दें कि ED ने मंगलवार देर रात शाहजहांपुर टोल के पास स्थित कार्यालय से पूछताछ के बाद पूर्व विधायक बलजीत यादव को गिरफ्तार किया था.

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32 स्कूलों में स्पोर्ट्स किट खरीद से जुड़ा घोटाला

मामला 2021 में स्कूलों में खेल सामान से जुड़ा है, अलवर के 32 सरकारी स्कूलों में क्रिकेट कीट, बैडमिंटन और अन्य सामान तीन गुना ज्यादा कीमत पर खरीदा गया था. इससे पहले भी पिछले साल जनवरी में ईडी ने बलजीत यादव और उनके सहयोगियों के करीब 10 ठिकानों पर छापे मारे थे. बलजीत यादव 2018 में बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव जीता था और लगातार सुर्खियों में भी बने रहे. अपनी विधानसभा क्षेत्र में भ्रष्टाचारी को पकड़ाने पर 51 हजार रुपए के ईनाम की घोषणा भी की थी. 

वहीं मार्च 2022 में बलजीत यादव ने जयपुर के सेंट्रल पार्क में सुबह से शाम तक काले कपड़े पहन दौड़ लगाई थी. उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में नकल, फर्जीवाड़े और गुरुकुल युनिवर्सिटी के फर्जीवाड़े पर सरकार को घेरा था. उन्होंने गहलोत सरकार को समर्थन दिया था, लेकिन इसके बावजूद अपनी ही सरकार को घेरा. उन्होंने सुबह से शाम तक पार्क के 24 चक्कर लगाए थे. उनकी तबियत को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल पार्क के हर गेट पर एंबुलेंस भी तैनात की गई थी. वहीं, उन्हें समझाने के लिए पूर्व मंत्री महेश जोशी पहुंचे थे.

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