जयपुर ऑडी हादसा: कांस्टेबल मुकेश रणवा समेत 7 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी दिनेश को फरार कराने की रची थी साजिश

Jaipur Audi Accident Updates: जयपुर के चर्चित ऑडी हादसे में मामले में पुलिस ने कांस्टेबल मुकेश रणवा सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि मुख्य आरोपी दिनेश अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है.

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जयपुर ऑडी कार हादसे में इन 7 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में पिछले दिनों हुए चर्चित ऑडी हादसे (Jaipur Audi Car Accident) में एक चौंकाने वाला मोड़ आया है. जयपुर पुलिस (Jaipur Police) ने सोमवार को एक सेवारत कांस्टेबल समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. इन सभी पर मुख्य आरोपी दिनेश (Dinesh Ranwan) को फरार कराने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप है.

क्या है पूरा मामला?

जयपुर के पत्रकार थाना इलाके के खरबास सर्किल पर एक तेज रफ्तार ऑडी कार ने 16 निर्दोष लोगों को अपनी चपेट में ले लिया था. इस भीषण दुर्घटना में 22 साल के मृदुल खरबास की मौत हो गई थी, जबकि 15 अन्य लोग घायल हुए थे. हादसे के बाद से ही कार चला रहा दिनेश मौके से फरार है.

पुलिस की भूमिका पर सवाल

NDTV राजस्थान को मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 7 आरोपियों में मुकेश कुमार रणवा भी शामिल है, जो रिजर्व पुलिस लाइन में कांस्टेबल के पद पर तैनात है. पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि हादसे के बाद कांस्टेबल मुकेश और उसके साथी पप्पू चौधरी ने कानून की मदद करने के बजाय मुख्य आरोपी को बचाने की कोशिश की. इन दोनों पर गैर इरादतन हत्या, सबूत मिटाने और तथ्यों को छुपाने और जानबूझकर चोट पहुंचाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. 

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फरार कराने के लिए संगठित प्रयास

जांच अधिकारी और पत्रकार कॉलोनी थाना प्रभारी मदन कड़वासरा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए पांच अन्य आरोपियों (सुमित कुमार, अशोक कुमार, भागचंद, नितिन और शिवराज) ने मुख्य आरोपी को शरण देने और उसे शहर से बाहर निकालने में सक्रिय भूमिका निभाई. पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने दिनेश को फरार होने के लिए न केवल वाहन उपलब्ध कराया, बल्कि उसे पैसे भी दिए ताकि वह पुलिस की पकड़ से दूर रह सके.

मुख्य आरोपी अब भी पहुंच से दूर

सात गिरफ्तारियों के बावजूद, इस हादसे का मुख्य आरोपी दिनेश अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. हालांकि पुलिस का दावा है कि उसकी लोकेशन को लेकर अहम सुराग मिले हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा. यह मामला राजस्थान में चर्चा का विषय बना हुआ है, विशेषकर इसलिए क्योंकि इसमें पुलिस विभाग के ही एक कर्मचारी की संलिप्तता सामने आई है.

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