Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में अवैध खनन को रोकने के लिए बड़ा अभियान चला. यहां बस्सी तहसील के इलाकों में स्टोन क्रेशर यूनिटों में छिपाए गए स्टॉक का पता लगा. खनन विभाग के अफसरों ने ड्रोन की मदद से जांच की और बड़े घपले का राज खोला.
खनिज अभियंता श्याम चौधरी ने बताया कि हरडी हरद्यनपुरा घाटा कुथाडा और बैनाडा जैसे गांवों में चल रही इन यूनिटों में मैसनरी स्टोन का स्टॉक चेक किया गया. रिकॉर्ड में लिखी मात्रा और असल में रखे माल में भारी फर्क मिला. इससे साफ हो गया कि यूनिट मालिक बिना बताए ज्यादा स्टॉक छिपा रहे थे.
कलक्टर के आदेश पर एक्शन
जिला कलक्टर डॉ जितेन्द्र कुमार सोनी ने इस मामले को गंभीरता से लिया. उनके निर्देश पर ड्रोन सर्वे कराया गया और फिर गहन जांच हुई. कुल 12 स्टोन क्रेशर यूनिटों पर नजर पड़ी जहां अनियमितता साबित हुई. विभाग ने इन पर 80 लाख 36 हजार रुपये की जुर्माना राशि तय की और वसूली का काम शुरू कर दिया.
यह कार्रवाई राज्य सरकार की उस नीति का हिस्सा है जहां अवैध खनन या गलत तरीके से खनिज रखने पर बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाता. शून्य सहनशीलता का मतलब है कि कोई भी गड़बड़ी करने वाला बच नहीं पाएगा.
आधुनिक तकनीक से आगे की निगरानी, ड्रोन बनेगा हथियार
खनन विभाग ने साफ कहा कि आने वाले दिनों में भी ऐसी जांच जारी रहेगी. ड्रोन जैसी नई तकनीकों से हर इलाके पर पैनी नजर रखी जाएगी. इससे अवैध काम करने वालों को रोकना आसान होगा और कानून का पालन सुनिश्चित होगा. यह अभियान न सिर्फ खनन माफिया को सबक सिखाएगा बल्कि पर्यावरण की रक्षा भी करेगा. जयपुर जैसे शहरों में ऐसी सख्ती से साफ-सुथरा कारोबार बढ़ेगा.
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