Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में 14 मार्च को प्रॉपर्टी कारोबारी कमल सिरसी पर हुई फायरिंग की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. इस मामले में सीएसटी क्राइम ब्रांच और बिंदायका थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान आसीन, विष्णु और गजेंद्र के रूप में हुई है.
पुलिस के अनुसार, ये आरोपी गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग से जुड़े शूटर हैं. बताया जा रहा है कि विष्णु और गजेंद्र हाल ही में जेल से बाहर आए थे और वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे. आरोपी जयपुर में किराये के मकान में रहकर कमल की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे.
किराये पर फ्लैट लेकर 1 महीने तक की रेकी
मामले की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने करीब एक महीने तक कमल की रेकी की. उन्होंने उसके घर से करीब एक किलोमीटर दूर फ्लैट किराये पर लिया हुआ था. वारदात के दिन बदमाश थार, स्विफ्ट और स्कॉर्पियो गाड़ियों में सवार होकर पहुंचे थे.
कमल सिरसी ने बताया कि वह मंदिर जा रहे थे, तभी एक थार गाड़ी ने उनकी कार को टक्कर मारी. इसके बाद एक आरोपी बाहर निकला और उन पर रिवॉल्वर तान दी. जान बचाने के लिए वह आगे बढ़े, लेकिन आगे पहले से मौजूद अन्य बदमाशों ने हमला कर दिया. इस दौरान उनकी बुलेटप्रूफ गाड़ी ने उनकी जान बचा ली.
मध्य प्रदेश से खरीदे ऑटोमैटिक हथियार
पुलिस को शक है कि इस हमले में ऑटोमैटिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया है, जिन्हें आरोपियों ने मध्य प्रदेश से खरीदा था. फिलहाल पुलिस हथियारों की बरामदगी और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है.
हालांकि पुलिस इस मामले को चुनावी रंजिश से जोड़कर देख रही है, लेकिन कमल ने इससे इनकार किया है. उनका कहना है कि उनका किसी चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने बताया कि उन्हें पहले भी गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण से धमकियां मिल चुकी हैं. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और गैंग के अन्य लिंक खंगाल रही है.
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