ऑक्सीजन प्लांट मे धमाका इतना तेज था कि प्लांट की छत के परखच्चे उड़ गए. मलबे के साथ सिलेंडर के टुकड़े कई सौ मीटर दूर रिहायशी घरों में जा गिरे, जिसके बाद लोगों में दहशत का माहौल है. हादसे ने विनोद के परिवार को कभी न भरने वाले जख्म दिया है. मृतक विनोद, जो इसी कंपनी में मैनेजर थे, वे अपने पीछे 13 साल की मासूम बेटी, पत्नी और एक मानसिक रूप से बीमार बड़े भाई को छोड़ गए. विनोद ही घर के इकलौते कमाने वाले थे. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि विनोद के बिना घर का गुजर-बसर कैसे होगा. दूसरा मरने वाला मुन्ना राय है, जो झारखंड का रहने वाला है.
दमकल की गाड़ियां तैनात
डिप्टी कंट्रोलर (सिविल डिफेंस) अमित शर्मा ने कहा कि गैस लीकेज की आशंका को देखते हुए पूरे इलाके को कॉर्डन ऑफ कर दिया गया है. एहतियात के तौर पर सिविल डिफेंस की टीम और दमकल की गाड़ियां मौके पर तैनात हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
अचानक हुआ धमाका
NDTV के पास मौजूद घटना के सीसीटीवी फुटेज में देर शाम के 7:44 बजे का मंजर बेहद डरावना है. वीडियो में दिख रहा है कि गली में लोगों की सामान्य आवाजाही हो रही थी कि अचानक एक जोरदार धमाका होता है, और पूरी गली में फैक्ट्री की छत का मलबा फैला है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, धमाके की गूंज से आसपास की दुकानों के शीशे चकनाचूर हो गए, और कई मकानों की दीवारों में भी दरारें आ गई हैं.
लोगों में भारी गुस्सा
हादसे के बाद इलाके के लोगों में भारी गुस्सा है. स्थानीय निवासियों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री से जुड़े दस्तावेज जलाए जा रहे थे, जिससे कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके. गुस्साए लोगों ने फैक्ट्री संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. हादसे के समय मौके पर सिलेंडरों से भरा एक ट्रक भी खड़ा था, जिसमें विस्फोट नहीं हुआ. यदि ट्रक की चपेट में आता, तो हादसा और भी अधिक भयावह हो सकता था.
यह भी पढ़ें: राजस्थान में झमाझम बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट, मौसम विभाग की नई भविष्यवाणी