जयपुर RTO ने 20 करोड़ की वसूली कर बनाया रिकॉर्ड, ओवर लोडिंग पर कसी जा रही नकेल

जयपुर RTO प्रथम द्वारा महज़ पांच महीने में ही यहां से 20 करोड़ 30 लाख रुपये की कंपाउंडिंग फ़ीस (CF) वसूल की जा चुकी है.

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प्रतीकात्मक फोटो

Jaipur RTO: राजस्थान में परिवहन विभाग के ताज़ा आंकड़े चौंकाने वाले हैं. राजधानी का RTO प्रथम पूरे प्रदेश में नंबर वन पर पहुंच गया है. महज़ पांच महीने में ही यहां से 20 करोड़ 30 लाख रुपये की कंपाउंडिंग फ़ीस (CF) वसूल की जा चुकी है. यह आंकड़ा काफी बड़ा है. क्योंकि साल 2022-23 में पूरे साल में 26 करोड़ और 2023-24 में 22 करोड़ की वसूली की गई थी. लेकिन अब यह आंकड़ा काफी बड़ा है.

वहीं लिस्ट में RTO द्वितीय जयपुर दूसरे और RTO अजमेर तीसरे नंबर पर रहा. लेकिन सबसे बड़ी चर्चा RTO प्रथम की इसलिए है क्योंकि यहां के अधिकारी राजेंद्र सिंह शेखावत ने आते ही पूरी तस्वीर बदल दी.

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11 महीने में 46 करोड़ की वसूली

पिछले 11 महीनों में ही RTO प्रथम ने 46.30 करोड़ का राजस्व सरकार को दिया है. यदि पीछे के आँकड़ों पर नज़र डालें तो 2022–23 में पूरे साल का सीएफ़ 26 करोड़ और 2023–24 में 22 करोड़ रुपये था. लेकिन इस साल सिर्फ़ पाँच महीने में ही 20 करोड़ पार कर गया. यानी आधे साल से भी कम समय में पिछले साल की कमाई के बराबर वसूली.

विभाग के द्वारा “स्टार ऑफ़ द मंथ” और “ऑपरेशन कवच” जैसे एक्सपेरिमेंट्स, रोड पर बिचौलियों का नेटवर्क तोड़ना और ओवरलोड वाहनों पर सख़्ती इसका बड़ा कारण है. आँकड़े बताते हैं कि अब तक चार हज़ार से ज़्यादा ओवरलोड वाहनों के चालान हो चुके हैं.

ओवरलोडिंग पर नकेल सरकार को हुआ फायदा

इससे सीधे तौर पर सरकार को फायदा हुआ. सड़क चालानों से ही पिछले 11 महीनों में करीब 25 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व खजाने में आया है. जबकि पहले यही पैसा दलालों और आकाओं में बंट जाया करता था. RTO प्रथम की इस परफ़ॉर्मेंस ने ओवरलोड माफ़िया की नींद उड़ा दी है. सिस्टम को बदलने की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन सख़्ती का यह सिलसिला फिलहाल थमने वाला नहीं दिखता.

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