राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार को घुमंतु अर्ध घुमंतु जातियों के महापड़ाव ने उग्र रूप ले लिया. मुख्यमंत्री आवास की तरफ कूच के दौरान पुलिस के रोकने पर महापड़ाव में शामिल लोगों ने पथराव कर दिया. जिसके बाद पुलिस कर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई. जानकारी के मुताबिक, पथराव में कुछ पुलिसकर्मियों सहित करीब 12 व्यक्ति लोग घायल हो गए. वहीं, पुलिस को स्थिति पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागने पड़ गए. फिलहाल पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है.
विद्याधर नगर में थी महापंचायत
दरअसल, जयपुर में घुमंतु और अर्ध घुमंतु जातियों की बुधवार को 10 फ़ीसदी आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर जयपुर के विद्याधर नगर में महापंचायत आयोजित की गई थी. शाम को महापंचायत समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने मुख्यमंत्री आवास कूच करने का ऐलान किया, जिसके बाद लोग मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़ रहे थे.
पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था करते हुए मार्ग पर बैरिकेडिंग कर रखी थी. जानकारी के मुताबिक, इस दौरान जब पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की तो जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच टकराव हो गया. प्रदर्शनकारियों में से कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया.
पथराव में पुलिसकर्मी समेत 12 घायल
हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया. इस दौरान पुलिस की तरफ से लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले भी दागे गए. पथराव की घटना में कुछ पुलिसकर्मियों सहित करीब 12 व्यक्ति लोग घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और बाद में स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया. हिंसा के सिलसिले में कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है.
उधर राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु (डीएनटी) समुदाय के लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को सरकारी की संवेदनहीनता करार दिया है.
जयपुर में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण महापड़ाव पर बैठे घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु (डीएनटी) समुदाय के लोगों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागने और पत्थरबाजी की घटना अत्यंत निंदनीय है।
— Tika Ram Jully (@TikaRamJullyINC) July 1, 2026
अपनी मांगों को लेकर बैठे समाज के कमजोर, वंचित और उपेक्षित वर्गों पर दमनात्मक…
टीकाराम जूली ने एक्स पर लिखा, जयपुर में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण महापड़ाव पर बैठे घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु (डीएनटी) समुदाय के लोगों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागने और पत्थरबाजी की घटना अत्यंत निंदनीय है." उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार के पास हर समस्या का समाधान केवल लाठी, आंसू गैस और दमन ही रह गया है। भाजपा सरकार संवाद और समाधान में पूरी तरह विफल हो चुकी है.
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