जैसलमेर. पश्चिमी राजस्थान में नशे के बढ़ते कारोबार पर लगाम लगाने के अभियान के तहत सरहदी जिले जैसलमेर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. DST टीम और कोतवाली थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 516 ग्राम MDMA, 95 ग्राम स्मैक और 80 ग्राम अफीम का दूध बरामद किया है. अधिकारियों के अनुसार जैसलमेर जिले में अब तक की यह सबसे बड़ी MDMA बरामदगी मानी जा रही है.
बड़ी मादक में मादक पदार्थ बरामद
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में DST प्रभारी भीमराव सिंह और कोतवाली थाना प्रभारी सूरजाराम के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई. पिछले कई सप्ताह से DST टीम जिले में सक्रिय नशा तस्करों और उनकी सप्लाई चेन पर नजर रखे हुए थी. इसी दौरान मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने शहर के बबर मगरा क्षेत्र में माहेश्वरी हवेली के पीछे दबिश दी। मौके पर दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर तलाशी ली गई, जिसमें बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुए.
तस्करी में इस्तेमाल गुजरात नंबर की कार जब्त
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जयसिंह (27) पुत्र सवाईसिंह राजपूत और गेनसिंह (40) पुत्र प्रतापसिंह राजपूत के रूप में हुई है. दोनों आरोपी सांगड़ थाना क्षेत्र के लखमणा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं. पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल GJ-18-BK-4327 नंबर की स्विफ्ट कार भी जब्त कर ली है. आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस बड़ी कार्रवाई की नींव कई महीने पहले पड़ी थी. 25 मार्च 2026 को सांगड़ थाना क्षेत्र में हुई NDPS कार्रवाई के दौरान पकड़े गए तस्कर सदराम विश्नोई के बेटे कमलेश उर्फ कार्तिक की पुलिस को लंबे समय से तलाश थी. कमलेश कोतवाली, सदर, रामगढ़ और झींझनियाली थाना क्षेत्रों में दर्ज कई NDPS मामलों में वांछित चल रहा था.
गुजरात नंबर की कार पकड़ी
DST टीम ने रविवार को कमलेश को बाड़मेर से हिरासत में लिया और उससे गहन पूछताछ की. पूछताछ के दौरान पुलिस को नशे की सप्लाई चेन, तस्करों के संपर्क सूत्रों और जिले में सक्रिय नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट मिले. इन्हीं सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने रविवार रातभर जैसलमेर और आसपास के क्षेत्रों में करीब आधा दर्जन स्थानों पर दबिश दी.
मादक पदार्थ की कहां होनी थी सप्लाई?
विशेष रूप से MDMA की बरामदगी को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मादक पदार्थ कहां से लाए गए, किन जिलों और राज्यों तक इनकी सप्लाई की जानी थी तथा इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं. बरामद मोबाइल फोन, वाहन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक कार्रवाई जारी रहेगी और इस अवैध कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
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