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This Article is From Apr 24, 2026

अगर घर खरीदने जा रहे हैं तो ठहरिए, ये गलती आपको भारी पड़ सकती है! जानकर भी ना करें ये भूल

जमीन या घर का सौदा करते वक्त, एक मामूली सी चूक आपके जीवन की जमापूंजी डूबा सकती है. प्रशासन के अधिकारी और मामलों के जानकार से समझिए कि खरीददारों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए.

अगर घर खरीदने जा रहे हैं तो ठहरिए, ये गलती आपको भारी पड़ सकती है! जानकर भी ना करें ये भूल
प्रतीकात्मक तस्वीर (AI)

राजस्थान की राजधानी जयपुर में इन दिनों एक बड़ा सवाल हर आम आदमी के सामने खड़ा है- क्या सपनों का घर भी कभी अचानक “अवैध” घोषित हो सकता है? शहर के बाहरी इलाकों में लगातार चल रही कार्रवाई और जयपुर विकास प्राधिकरण के बुलडोजर ने हजारों परिवारों की नींद उड़ा दी है. दरअसल, इसी महीने 17 अप्रैल को हाउसिंग बोर्ड की टीम ने बीटू बाइपास से द्रव्यवती नदी तक फैली करीब 42 बीघा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी. इस जमीन का अधिग्रहण साल 1989 में हाउसिंग बोर्ड ने कर लिया था, लेकिन बावजूद इसके यहां भू-माफियाओं ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यहां कॉलोनी विकसित कर दी और प्लॉट बेच दिए. खरीददारों का कहना है कि जमीन के कागज देखकर भुगतान किया और जमीन का सौदा किया, हमारी क्या गलती. वहीं, प्रशासन की सलाह है कि खरीददारों को जमीन सौदे के वक्त लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए. इस मामले में NDTV ने खरीददार, एक्सपर्ट्स और प्रशासन से बात की और हकीकत जानी. साथ ही जाना कि घर खरीदते वक्त क्या सावधानियां रखी जाएं.

लोगों का दर्द- अब हम कहां जाएं? 

असल कहानी सिर्फ अवैध कॉलोनियों की नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम की है, जहां कई स्तरों पर चूक दिखाई देती है. जयपुर के आसपास तेजी से बस रही कॉलोनियां किसी एक व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि भू-माफिया, प्रॉपर्टी डीलर्स और प्रशासनिक ढील का नतीजा है. नियमों के मुताबिक, जमीन का उपयोग बदलने के लिए 90-A के तहत भू-रूपांतरण जरूरी होता है. ऐसे में भू-माफिया बिना किसी दस्तावेज के प्लॉटिंग कर देते हैं तो प्रशासन पर भी सवाल खड़े होते हैं. 

प्रेम और पार्वती जैसे कई लोगों की परेशानी यह है, "वो अपनी आंखों के सामने आशियान उजड़ता देख रही है. उन्होंने कहा कि कई पीढ़ियों से हम रह रहे हैं और जेडीए नोटिस चस्पा कर घरों को तोड़ने की तैयारी कर रहा है. अब हम कहां जाएं?"  

प्रशासन की सलाह भी जान लीजिए

वहीं, इस पूरे मामले की जानकारी हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर अरविंद पोसवाल ने भी दी. उन्होंने कहा कि वहीं रजिस्ट्री को वैध मान लेता है, इसके लिए पहले जो लैंड कन्वर्जन हो रखा है या नहीं, ये संबंधित विभाग में जाकर चेक करे. जेडीए या हाउसिंग बोर्ड से उस भूमि की जानकारी लेने के बाद जमीन का सौदा करे. 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट? 

जमीन से संबंधित मामलों के जानकार और अधिकक्ता कुलदीप शर्मा ने बताया कि कोई भी प्रॉपर्टी या घर लेने से पहले जेडीए या RERA की वेबसाइट पर चेक करें. वेबसाइट पर जानकारी चेक करने के साथ ही उसके वैध डॉक्यूमेंट संबंधित ऑथोरिटी के मास्टरप्लान से वैरिफाई करवाएं.

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