झुंझुनूं: भाजपा जिलाध्यक्ष की नियुक्ति पर हंगामा, पार्टी प्रदेश प्रवक्ता ने कहा- सर्वश्रेष्ठ और योग्यतम कार्यकर्ता यही है क्या? 

राजस्थान के झुंझुनूं में हर्षिनी कुलहरि की भाजपा जिलाध्यक्ष नियुक्ति ने सियासी हलचल मचा दी. जहां कुछ नेता उन्हें बधाई दे रहे हैं. वहीं प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण कुमार जानूं की फेसबुक पोस्ट ने पार्टी में गुटबाजी और विवाद को हवा दी है.

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झुंझुनूं भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षिनी कुलहरि और प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण कुमार जानूं.

Rajasthan Politics: राजस्थान के झुंझुनूं में भाजपा जिलाध्यक्ष के रूप में हर्षिनी कुलहरि की नियुक्ति ने सियासी हलचल मचा दी है. एक तरफ जहां कुछ नेता उन्हें बधाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी के अंदर विरोध के स्वर तेज हो रहे हैं. इस नियुक्ति पर सवाल उठाने वाले कोई और नहीं, बल्कि भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण कुमार जानूं हैं, जिनकी फेसबुक पोस्ट ने तहलका मचा दिया है. 

प्रदेश प्रवक्ता ने उठाए योग्यता पर सवाल

कृष्ण कुमार जानूं ने लिखा है कि ओमेंद्र चारण जी, दिनेश धाबाई जी, विक्रम सैनी जी, विकास लोटिया जी, सरजीत चौधरी जी, योगेंद्र मिश्रा जी... झुंझुनूं जिलाध्यक्ष की ऐसी कौन सी योग्यताएं थी. जो आप पूरी नहीं कर रहे थे और जिनका नॉमिनेशन किया गया है.

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वह आप सबसे योग्य है क्या हम सब कार्यकर्ताओं को यह बात मान लेनी चाहिए..? प्रदेश नेतृत्व जिला अध्यक्ष नियुक्त करने से पहले कौन सी योग्यताओं का अवलोकन करता है ? अगर महिला कोटे में भी अध्यक्ष बनना था तो सर्वश्रेष्ठ और योग्यतम कार्यकर्ता यही थे क्या..? उनकी यह टिप्पणी न केवल हर्षिनी की नियुक्ति पर सवाल उठाती है, बल्कि अन्य नेताओं को भी अपमानित करने का आरोप लगा रही है.

पहले भी हो चुका है विवाद

यह पहली बार नहीं है जब जानूं ने सवाल उठाए हैं. हर्षिनी कुलहरि पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार की पुत्रवधू हैं और जानूं पहले भी नरेंद्र कुमार के खिलाफ टिप्पणियां कर चुके हैं. उनकी इस पोस्ट ने पार्टी के भीतर गुटबाजी की आग को और भड़का दिया है.

कांग्रेस ने कसा तंज

कांग्रेस ने इस मौके को भुनाने में देर नहीं की और तुरंत भाजपा पर तंज कसा. कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष अजय तसीड़ ने जानूं की पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए लिखा, "जिलाध्यक्ष की राड़, भाजपा दो फाड़." यह बयान भाजपा में अंदरूनी हलचल को उजागर करता है.

नेताओं की चुप्पी बनी चर्चा का विषय

हर्षिनी की नियुक्ति को 24 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन जिले के कई नेता, खासकर मंडावा विधानसभा के कुछ नेता, अब तक बधाई नहीं दे पाए हैं. उनकी यह चुप्पी सियासी गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है. हर्षिनी कुलहरि की नियुक्ति ने भाजपा में एक नया तूफान खड़ा कर दिया है.

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