JJM Scam: महेश जोशी पर एसीबी के एक्शन से गरमाई सियासत, अविनाश गहलोत और टीकाराम जूली के बीच छिड़ी जुबानी जंग

Rajasthan news: राजस्थान के 960 करोड़ के JJM घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी के बाद सियासत तेज हो गई है. मंत्री अविनाश गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीच इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Avinash gehlot vs Tikaram jully
NDTV

 JJM Scam News: राजस्थान के बहुचर्चित ₹960 करोड़ के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है. भ्रष्टाचार के इस मामले में  हो रही  सत्ता पक्ष और विपक्ष की बयानबाजियों में अब सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली  की एंट्री हो गई है.  

पिछली सरकार भ्रष्टाचार में डूबी थी-अविनाश गहलोत 

पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी पर मंत्री अविनाश गहलोत ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।. उन्होंने कहा कि  पूर्व की कांग्रेस सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त थी. चाहे जल जीवन मिशन घोटाला हो या चाहे पेपर लीक का मामला कांग्रेस सरकार भ्रष्ट थी. वही भारतीय जनता पार्टी की सरकार 'जीरो टॉलरेंस' और जनसेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, जो भी भ्रष्टाचार करेगा उसे सजा मिलेगी. 

 5 बजे सुबह की छापा मारकर की थी गिरफ्तारी

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने गुरुवार, 7 मई 2026 को तड़के करीब 5 बजे महेश जोशी के जयपुर स्थित निवास पर छापा मारकर उन्हें हिरासत में लिया. पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया. जोशी पर मंत्री पद का दुरुपयोग कर निविदाओं (Tenders) के बदले रिश्वत लेने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए ठेके दिलाने का आरोप है.

Advertisement

कांग्रेस के खिलाफ बीजेपी  सेट कर रही है नैरेटिव

वहीं, इस गिरफ्तारी को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर पलटवार करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कहा कि इस सरकार की पहली प्राथमिकता यह है कि आप इस प्रकार का एक नैरेटिव सेट करें कि कांग्रेस राज के अंदर भ्रष्टाचार हुआ है. यह सरकार खुद ही पूरी भ्रष्टाचार के अंदर डूबी हुई है. इसको अपने कामों की जांच करानी चाहिए. 

960 करोड़ के घोटाले की पूरी टाइमलाइन

करीब 960 करोड रुपए के इस घोटाले का पूरा मामला 20 जून 2023 से शुरू हुआ. जब डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने  जयपुर के अशोक नगर थाने के बाहर एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर दो दिन तक धरना दिया था. मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ा.2023 के विधानसभा चुनाव के वक्त भी यह मामला सियासी गलियारों में खूब चर्चा का विषय बना. उसके बाद  24 अप्रैल 2025 को  मनी लॉन्ड्रिंग मामले  में ईडी ने पूर्व मंत्री महेश जोशी को करीब 8 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 3 दिसम्बर 2025 को पूर्व मंत्री को जमानत दी. फिर 10 अप्रैल 2026 को पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई  जिसके बाद 7 मई 2026 एसीबी ने भ्रष्टाचार मामले में फिर से महेश जोशी को गिरफ्तार किया. 

फिलहाल, अदालत ने महेश जोशी को 11 मई तक एसीबी रिमांड पर भेज दिया है。 यह देखना दिलचस्प होगा कि कानून की इस प्रक्रिया में और कितने 'बड़े मगरमच्छ' पुलिस के जाल में फंसते हैं.

यह भी पढ़ें; Rajasthan: 108 एम्बुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने से मरीज की मौत, अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप