दिव्या मदेरणा के समर्थन में उतरीं ज्योति मिर्धा, बोलीं-हनुमान ने अपने ही समाज के उभरते नेता को काटने का काम किया 

Rajasthan Politics: बीजेपी नेता ज्योति मिर्धा ने हनुमान बेनीवाल पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हनुमान ने एक समाज विशेष की राजनीति की है. 

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Rajasthan Politics: बीजेपी नेता ज्योति मिर्धा ने कहा कि जब-जब किसी भी नेता का किसी पार्टी में उभरने का समय आता है, तो हनुमान बेनीवाल ने उसको काटने का काम किया है. दिव्य मदेरणा भी उसी श्रृंखला में एक नाम हैं. चाहे हरीश चौधरी हों, चाहे ज्योति मिर्धा हों और डोटासरा थे उनके पीछे पड़े थे. उन्होंने पार्टी विशेष के लिए नहीं, अपने ही समाज के नेता को काटने के लिए हमेशा ऊपर-नीचे करते रहे हैं. ज्योति मिर्धा ने कहा कि अब इस तरह की चीजें सामने आ गई हैं. दिव्या बात तो सही कह रही हैं. उनकी भी खींवसर में लंबी चौड़ी रिश्तेदारियां हैं. 

खींवसर में इस बार हालत खराब  

दिव्या मदेरणा ने रविवार (3 नवंबर) को लोहावट विधानसभा में जनसभा की थी. उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. उन्होंने कहा कि जाट की वो भी थीं और हनुमान बेनीवाल उन्हें हराने ओसियां पहुंच गए. दिव्या मदेरणा ने कहा था, "नागौर और खींवसर में किस तरह के हालात हैं, और पिछली बार चुनाव में कितने वोटों से वह जीते थे. इस बार हालत बड़ी खराब है. सुबह 4-4 बजे तक लोगों के पैर पकड़ रहे हैं.

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हनुमान बेनीवाल ने दिव्या का किया पलटवार 

हनुमान बेनीवाल ने दिव्या मदेरणा पर पलटवार किया था. उन्होंने कहा,  "अपने इलाके में चार बजे वोट मांगू या 5 बजे बजे मांगू. वो पूछने वाली कौन है?हनुमान बेनीवाल ने कहा कि 2019 में अशोक गहलोत और उनके बेटों के सामने तुम्हारा पूरा परिवार ठुमके लगा रहा था. जबकि, तुम्हारे पिता को उसने जेल भेजा था." सोशल मीडिया 'X' पर वीडियो वायरल हो रहा है. 

हनुमान ने पत्नी कनिका बेनीवाल को बनाया उम्मीदवार 

खींवसर विधानसभा सीट पर हनुमान बेनीवाल ने RLP से अपनी पत्नी कनिका बेनीवाल को मैदान में उतारा है. बीजेपी ने हनुमान बेनीवाल के पुराने साथी रेवतराम डांगा को टिकट दिया है. कांग्रेस ने सवाई सिंह चौधरी की पत्नी डॉ. रतन सिंह को मैदान में उतारा है. खींवसर पर त्रिकोणीय मुकाबला है.  

हनुमान बेनीवाल ने जनता से की भावुक अपील 

हनुमान बेनीवाल ने प्रचार के दौरान लोगों से भावुक अपील की है. उन्होंने कहा, "इस बार अगर RLP खींवसर से चुनाव हार गई तो मेरा 20 साल का संघर्ष खत्म हो जाएगा.  लोग कहेंगे कि हनुमान 20 साल लड़ा और अंत में खींवसर की सीट भी चली गई. इसलिए आप लोग यह सुनिश्चित कर लो की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की जीत हो और मैं 4 साल राजस्थान की सड़कों पर बजरी माफियाओं के खिलाफ लड़ता रहूं. इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला लेकिन राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को फर्क पड़ेगा."  

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