Meena Mahapanchayat: करौली के नादौती थाना क्षेत्र के गांव रॉसी में गोद भराई करने गए दूल्हे के छोटे भाई की मूंछ और बाल काटने के मामले में जुर्माना नहीं भरने पर मीणा महापंचायत ने रॉसी गांव का बहिष्कार कर दिया. 27 जनवरी को करीरी गांव के भैरव बाबा कुश्ती दंगल मैदान में महापंचायत हुई थी. रॉसी गांव के लड़की पक्ष के लोगों को दोषी ठहराया था और मूंछ-बाल काटने वालों पर 11 लाख का जुर्माना लगाया था. दंड की राशि भरने के लिए एक महीने का समय दिया था.
जुर्माना राशि नहीं जमा करने पर हुई पंचायत
जुर्माना की राशि 41 सदस्यीय कमेटी को नहीं देने पर सोमवार (24 फरवरी) को पंचायत हुई. जांच के लिए रॉसी गांव भेजी गई रिपोर्ट को पंचों ने देखी. उन्होंने घटना की पूरी जानकारी दी. इसके बाद पूरे गांव को समाज से बाहर निकालने का फैसला लिया गया. बैठक में दो बिचौलियों पर लगाया गया 2 लाख रुपए का जुर्माना अध्यक्ष को सौंप दिया गया. रॉसी गांव को समाज में वापस शामिल करने के लिए नई महापंचायत बुलानी होगी.
दूल्हे के भाई-बहन ने लड़की को नापसंद कर दिया
18 जनवरी को करौली के रॉसी गांव में लड़की के घर पर गोदभराई की रस्म थी. रस्म शुरू होने के कुछ देर पहले ही लड़के के भाई और बहन ने लड़की को नापसंद कर दिया, और सगाई से इंकार कर दिया. आरोप लगाया कि जिस लड़की से शादी तय हुई थी वो नहीं थी. दूसरी लड़की से सगाई करा रहे हैं. लड़की पक्ष के लोगों ने बंधक बना लिया.
दूल्हे के भाई के बाल-मूंछ काट दिए थे
दूल्हे के पिता, चाचा और छोटे भाई को जबरन रोक लिया था. पंच-पटेलों को बुलाकर मामला निपटाने की बात कही थी. लड़की पक्ष के लोगों ने इसे अपमान समझते हुए लड़के वालों को बंधक बना लिया था. उसके बाद दूल्हे के भाई के साथ मारपीट की, और उसकी मूंछ-बाल काट दिए थे.
27 जनवरी को मीणा समाज की महापंचायत हुई थी
करौली में 27 जनवरी को मीणा समाज की महापंचायत हुई थी. इसमें पंच पटेलों सहित करीब 10 हजार से अधिक महिला और पुरुषों ने हिस्सा लिया था. महापंचायत में मीणा समाज की परंपराओं और कुरीतियों पर रोक लगाने की चर्चा की गई. इस दौरान रॉसी गांव में सगाई के दौरान हुई घटना पर चर्चा की गई. टोडाभीम विधायक घनश्याम महर ने महापंचायत में आए लोगों से ऐतिहासिक निर्णय लेने की अपील की.
महापंचायत में लड़की पक्ष को बुलाने की मांग की
महापंचायत में लड़के पक्ष की ओर से नरेश मीणा और मीणा बिचौलिया और अन्य व्यक्तियों के रॉसी गांव की घटना के मामले में बयान रिकॉर्ड किए गये. इस पर पंच पटेलों ने बेटी पक्ष को भी बुलाने की मांग की गई, लेकिन बेटी पक्ष का कोई भी व्यक्ति उपस्थित नहीं हुआ. इसके बाद सर्वसम्मति से 41 सदस्यों की एक कमेटी गठित कर अलग से बैठक कर विचार-विमर्श कर निर्णय लेने को कहा गया. मीणा महापंचायत निर्णायक कमेटी ने बेटी पक्ष के घर हुई पंचायत में लड़के पक्ष पर लगाए गए 11 लाख रुपये के जुर्माने को निरस्त करने का निर्णय लिया.
दो बिचौलियों पर लगा जुर्माना
इसके साथ ही पंचायत ने रॉसी गांव के लड़की पक्ष के लोगों पर 11 लाख रुपये का दंड लगाया है, जिसे एक महीने में देने का समय दिया गया. रिश्ता तय कराने वाले दोनों बिचौलियों पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है. लड़की पक्ष के घर हुई पंचायत में निर्णय देने वाले 5 लोगों पर 11-11 सौ रुपए का आर्थिक दंड और 5 वर्ष के लिए समाज से बहिष्कार किया गया है. 5 साल तक समाज की होने वाली पंचायत में भाग नहीं ले सकेंगे.
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