Rajasthan News: राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में सोमवार को सांप्रदायिक सौहार्द की एक बेहद खूबसूरत और प्रेरक तस्वीर देखने को मिली. एक तरफ बाबा श्याम के वार्षिक मेले का दूसरा दिन था और दूसरी तरफ बकरीद का पावन पर्व. इन दोनों के मिलन ने खाटू की फिजाओं में भाईचारे का एक अनोखा रंग घोल दिया.
जयकारों और दुआओं का संगम
बाबा श्याम के दर्शन के लिए उमड़े लाखों श्रद्धालुओं के मुख से जहां "हारे के सहारे की जय" के जयकारे गूंज रहे थे वहीं उसी परिसर में "ईद मुबारक" की सदाएं भी सुनाई दे रही थीं. मंदिर कमेटी के अनुसार द्वादशी के इस खास मौके पर दोपहर तक तीन लाख से अधिक भक्तों ने बाबा के दर्शन किए. हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान सहित देशभर से आए श्रद्धालु इस अनूठे नजारे को देखकर अभिभूत थे.
सेवा और मोहब्बत की मिसाल
इस भाईचारे की सबसे बड़ी मिसाल तब देखने को मिली जब स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने बाबा के भक्तों के लिए जगह-जगह शरबत और लंगर की व्यवस्था की. मुस्लिम भाइयों की इस सेवा भावना से गदगद कई हिंदू श्रद्धालुओं ने उनके गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी.
धर्म जोड़ता है, तोड़ता नहीं
मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने इस माहौल पर खुशी जताते हुए कहा कि खाटू ने आज पूरे देश को संदेश दिया है कि धर्म इंसान को आपस में जोड़ता है. वहीं स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बताया कि बाबा श्याम के दर पर आने वाला हर भक्त उनका मेहमान है. आज मेले के बीच ईद होने से उनकी खुशी दोगुनी हो गई है. प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरा इलाका देर शाम तक भजनों व ईद की रौनक से गुलजार रहा है.
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