मौनी अमावस्‍या पर खाटूश्‍यामजी को कराया शाही स्‍नान, इस जल का है व‍िशेष महत्‍व 

मौनी अमावस्‍या पर देशभर से भक्त बाबा श्याम के दर्शन के ल‍िए खाटू धाम पहुंच रहे हैं. शनिवार देर रात से भक्‍तों की कतार लग गई.

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बाबा खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए भक्तों की उमड़ी भीड़.

खाटूश्‍यामजी धाम में आज बाबा श्‍याम के कृष्‍णमई स्‍वरूप दर्शन हो रहे हैं. मौनी अमावस्‍या पर बाबा श्‍याम को शाही स्‍नान कराया गया. महंत मोहनदास सिंह चौहान ने NDTV को बताया कि आज सुबह 4 बजे मौनी अमावस्या के दिन श्याम बाबा का पंचामृत (श्याम कुंड के जल, दूध, शहद, घी और मिश्री) से स्नान करवाया गया. इस स्नान के बाद के पवित्र जल को लोग साल भर अपने घरों में रखते हैं. भक्तों में मान्यता है कि इस जल को घर में रखने से घर में नकारात्मकता नहीं आती है. 

श्रीश्याम मंदिर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और महंत महात्मा सिंह चौहान ने बताया कि बाबा श्याम के स्नान का यह पवित्र जल भक्त के हर दुख-दर्द और तकलीफ को दूर करता है. इसका आचमन गंगा जल की तरह किया जाता है.

बसंत पंचमी तक होंगे शीश दर्शन 

शाही स्नान के बाद खाटूश्‍यामजी श्याम रंग में दिखते हैं, जिसे 'शीश' दर्शन कहते हैं. यह दर्शन सप्तमी तक रहता है, लेकिन इस बार बसंत पंचमी 23 जनवरी को है, तो बाबा का तिलक श्रृंगार बसंत पंचमी पर किया जाएगा, जिसके बाद बाबा श्याम विष्णु स्वरूप में दर्शन देते हैं.

भारी संख्या में खाटू धाम पहुंच रहे हैं भक्त 

देशभर से भक्त बाबा श्याम के इस स्वरूप के दर्शन करने के लिए खाटू धाम पहुंच रहे हैं.  मनौतियां मांगते हैं. मान्‍यता है क‍ि बाबा श्याम भी अपने भक्तों के हर काम को पूरा करते हैं.  पंडित निरंजन शर्मा ने बताया कि आज के दिन (मौनी अमावस्या) हिंदू सनातन सभ्यता शुरू हुई थी, क्योंकि आज ही के दिन ऋषि मनों का जन्म हुआ था, उसी उपलक्ष्य में मौनी अमावस्या मनाई जाती है.  

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लोग पितरों का करते हैं तर्पण 

श्रीश्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि आज बाबा का अमावस्या पर शाही स्नान हुआ है, और वीकेंड भी है, इसकी वजह से आज खाटू धाम में श्याम भक्तों की भारी भीड़ है. मंदिर कमेटी ने दर्शन के लिए पूरी व्‍यवस्‍था की है. हिंदू सनातन धर्म में मौनी अमावस्या के दिन हिन्दू धर्मावलंबी नदियों, सरोवरों में स्नान करते हैं. क्योंकि इस स्नान का अलग धार्मिक महत्व है. लोग अपने पितरों का तर्पण भी आज के दिन करते हैं. अपनी श्रद्धा अनुसार दान पुण्य भी करते हैं. 

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