Rajasthan Politics: राजस्थान में यूरिया और DAP और खाद की संभावित संकट और कमी को लेकर अशोक गहलोत के बयान पर कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि राज्य में किसानों के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और लगातार आपूर्ति जारी है. कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने इस संबंध में अशोक गहलोत को पत्र लिखकर सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी है.
पत्र में कहा गया है कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति संवेदनशील हैं और उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. केंद्र सरकार की ओर से यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की आपूर्ति, भंडारण और वितरण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
2026 के लिए उर्वरकों की अग्रिम योजना तैयार
सरकार के मुताबिक खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों की अग्रिम योजना तैयार की गई है. पिछले वर्षों की खपत के आधार पर 11 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 5.10 लाख मीट्रिक टन डीएपी की मांग केंद्र सरकार से स्वीकृत करवाई गई है.
राज्य के पास कितना खाद
अप्रैल 2026 से अब तक किसानों ने जायद और कपास की बुवाई के लिए 1.63 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 0.48 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 0.13 लाख मीट्रिक टन एनपीके और 0.51 लाख मीट्रिक टन एसएसपी की खरीद की है. वहीं वर्तमान में राज्य में 4.70 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 0.63 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 0.81 लाख मीट्रिक टन एनपीके और 2.23 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का स्टॉक उपलब्ध बताया गया है.
चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
सरकार ने दावा किया है कि किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी परीक्षण आधारित खेती, जैविक खाद और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने के लिए “आपणी खेत-आपणी खाद” अभियान भी चलाया गया. इस अभियान के तहत प्रदेश में 14 हजार 332 किसान गोष्ठियां आयोजित की गईं.
उर्वरकों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण रोकने के लिए भी सरकार ने कार्रवाई का दावा किया है. जानकारी के अनुसार 5795 उर्वरक विक्रेताओं का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 966 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए. वहीं 63 विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए गए हैं.
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