विज्ञापन

अशोक गहलोत ने जताई यूरिया और DAP संकट की आशंका, कहा- आयात करते हैं...सामान्य स्थिति में भी किसान लगते हैं लाइन

गहलोत ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को अभी से इस विषय पर किसानों को जागरूक करना चाहिए, तथा ऐसी फसलों के उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना चाहिए, जिनमें कम से कम उर्वरकों की आवश्यकता हो.

अशोक गहलोत ने जताई यूरिया और DAP संकट की आशंका, कहा- आयात करते हैं...सामान्य स्थिति में भी किसान लगते हैं लाइन
अशोक गहलोत

Rajasthan Politics: गहलोत ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच आशंका जताते हुए कहा कि आने वाले समय में होने वाला सबसे बड़ा संकट यूरिया, DAP और अन्य उर्वरकों का आ रहा है. भारत अधिकांश उर्वरकों का आयात करता है, जो अभी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. पूर्व सीएम ने कहा कि जब उर्वरकों की आपूर्ति सामान्य होती थी, तब भी किसान लाइनों में लगने के लिए मजबूर होते थे. अब इस कमी से तो स्थिति भयावह होगी. पूर्व सीएम ने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करें.

गहलोत ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को अभी से इस विषय पर किसानों को जागरूक करना चाहिए, तथा ऐसी फसलों के उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना चाहिए, जिनमें कम से कम उर्वरकों की आवश्यकता हो.

पारदर्शिता से ही संकट से होगी आसानी

गहलोत ने कहा कि इस संकट की घड़ी में सरकार जनता को भ्रम में रखने की बजाय जितनी अधिक पारदर्शिता से काम करेगी, सभी को इस संकट में उतनी ही अधिक आसानी होगी. हालांकि  इस बीच भारत फॉस्फेटिक उर्वरकों और कुछ कच्चे माल के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है. पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन की अनिश्चितता के कारण उर्वरक सब्सिडी और आयात लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

केंद्र ने किया कालाबाजारी रोकने के दावा

केंद्र सरकार ने हाल के हफ्तों में कहा है कि देश में फिलहाल यूरिया, DAP और NPK के पर्याप्त भंडार उपलब्ध हैं और खरीफ सीजन के लिए अतिरिक्त आयात भी सुरक्षित किया गया है. सरकार के अनुसार अप्रैल 2026 तक उपलब्धता मांग से अधिक रही है. इस बीच सरकार ने भी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त स्टॉक होने और कालाबाजारी रोकने के लिए कार्रवाई का दावा किया है. 

उधर गहलोत का राजनीतिक और प्रशासनिक तर्क यह है कि, सामान्य परिस्थितियों में भी किसानों को खाद के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ता है, ऐसे में अगर वैश्विक आपूर्ति बाधित हुई तो ग्रामीण स्तर पर संकट तेज हो सकता है. गहलोत ने कहा कि इसलिए सरकारों को पहले से पारदर्शी योजना, वैकल्पिक फसल नीति और किसानों को जागरूक करने पर काम करना चाहिए.

हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर तत्काल खाद संकट घोषित नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए आपूर्ति और कीमतों को लेकर आशंका लगातार बनी हुई है.

यह भी पढ़ेंः व‍िधायक रव‍िंद्र स‍िंह भाटी के समर्थन में उतरे गहलोत और टीकाराम जूली, सीएम से कर डाली ये मांग  

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close