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व‍िधायक रव‍िंद्र स‍िंह भाटी के समर्थन में उतरे गहलोत और टीकाराम जूली, सीएम से कर डाली ये मांग  

गिरल लिग्नाइट माइंस के मजदूरों की मांगों को लेकर मंगलवार को कलेक्‍ट्रेट पहुंचे श‍िव व‍िधायक रव‍िंद्र स‍िंह भाटी ने पेट्रोल डालकर आत्‍मदाह की कोश‍िश की थी. अब कांग्रेस के नेता उनके पक्ष में उतर आए हैं. 

व‍िधायक रव‍िंद्र स‍िंह भाटी के समर्थन में उतरे गहलोत और टीकाराम जूली, सीएम से कर डाली ये मांग  
रविंद्र सिंह भाटी ने पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश की थी. अब गहलोत और टीकाराम जूली उनके समर्थन में उतरे हैं.

राजस्‍थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत और नेता प्रत‍िपक्ष टीकाराम जूली ने रव‍िंद्र स‍िंह भार्टी के समर्थन में सोशल मीड‍िया 'X' पोस्‍ट क‍िया. भजनलाल सरकार पर सवाल उठाया. अशोक गहलोत ने ल‍िखा, "बाड़मेर में गिरल लिग्नाइट माइंस के मजदूरों का 38 दिन से धरना प्रदर्शन जारी है. शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी भी 15 दिन से इन मजदूरों के साथ बैठे हैं, लेक‍िन न तो सरकार ने कोई वार्ता की और न ही प्रशासन ने ध्यान दिया. इस उदासीनता के कारण वे मजदूरों के साथ कलेक्ट्रेट कूच करने एवं अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलने तक को मजबूर हुए." 

"सकारात्मक हल निकालना चाहिए" 

उन्होंने आगे ल‍िखा, "भाजपा के शासन में एक विधायक को अपनी मांगों पर ध्यानाकर्षण के लिए ऐसा कदम उठाना पड़ रहा है तो आम आदमी की स्थिति की कल्पना की जा सकती है. राज्य सरकार को अविलंब इनकी मांगों पर ध्यान देकर सकारात्मक हल निकालना चाहिए." 

टीकाराम जूली किया पोस्ट- सरकार की घोर लापरवाही

नेता प्रत‍िपक्ष टीकाराम जूली ने ल‍िखा,  "बाड़मेर की गिरल लिग्नाइट माइंस के मजदूरों के हक की लड़ाई में पिछले 15 दिनों से धरने पर बैठे शिव विधायक  रविन्द्र सिंह भाटी को भाजपा सरकार की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता के कारण कलेक्ट्रेट कूच करना पड़ा, और वहां अपने ऊपर पेट्रोल डालने जैसे कठोर कदम के लिए मजबूर होना पड़ा, यह लोकतंत्र पर कलंक है." 

"एक विधायक की ही यह दुर्दशा"

उन्होंने ल‍िखा, "भाजपा शासन में जब एक विधायक की ही यह दुर्दशा है, तो आम जनता की स्थिति कितनी दयनीय होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है. मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि तत्काल इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर मजदूरों और विधायक से तुरंत वार्ता करें, और उनकी मांगों का ठोस एवं सकारात्मक समाधान निकाला जाए." 

38 दिन से धरने पर बैठे मजदूर 

गिरल लिग्नाइट माइंस के बाहर पिछले 38 दिनों से मजदूरों का विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन चल रहा है. राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड द्वारा थुंबली गिरल समेत आसपास के क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण के बाद 30 सालों से रोजगार नहीं मिलने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है. आरोप है कि कंपनी ने स्थानीय लोगों को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन अब कई युवाओं को काम से हटाया जा रहा है.

रविंंद्र सिंह भाटी ने दिया समर्थन  

9 अप्रैल से शुरू हुए इस आंदोलन को शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने पूर्ण समर्थन दिया है. उन्होंने एक दिन पहले प्रेसवार्ता कर साफ चेतावनी दी थी कि मांगें नहीं मानी गईं तो मजदूर यूनियन के साथ मिलकर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी. इसी के बाद रविंद्र सिंह भाटी के नेतृत्व में मंगलवार को मजदूरों के हक के लिए मजदूर आंदोलन जनसभा की गई. उसके बाद 6 सूत्री मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट घेराव के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. 

मजदूरों की प्रमुख मांगें

  1. धरने पर बैठे मजदूरों की मांग है कि 8 घंटे की ड्यूटी की जाए.
  2. स्थानीय युवाओं को नौकरी में प्राथमिकता मिले.
  3. कंपनी द्वारा दिए गए रोजगार वादों को पूरा किया जाए.

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