Rajasthan Politics: किरोड़ी लाल मीणा को दिल्ली से बुलावे का इंतजार, सवाई माधोपुर में कही ये बड़ी बात

 कृषि मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद वह पहली बार अपने विधानसभा क्षेत्र सवाई माधोपुर पहुंचे. डॉ. मीणा ने इस दौरान नई भूमिका को लेकर बड़ी बात कही है.

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फाइल फोटो

Rajasthan Politics: राजस्थान की राजनीति में किरोड़ी लाल मीणा अक्सर सुर्खियों में रहे हैं. गहलोत सरकार के समय उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था. अब जब राज्य में भाजपा सत्ता में आई और भजनलाल सरकार में वे कैबिनेट मंत्री तो कुछ महीने बाद ही किरोड़ी लाल मीणा ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. कृषि मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद वह पहली बार अपने विधानसभा क्षेत्र सवाई माधोपुर पहुंचे. इस दौरान डॉक्टर मीणा ने दिल्ली बुलावे से जुड़े सवाल पर बड़ी बात कह दी. 

नई भूमिका के सवाल पर दिया जवाब

अब सोमवार को अपने विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे किरोड़ी लाल मीणा ने नई भूमिका को लेकर किये गए सवाल पर कहा कि वे हमेशा उसी भूमिका में रहते हैं और जनता की आवाज उठाने का काम करते हैं और करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि जब वे मंत्री नही थे, तब भी आमजन की आवाज उठाते थे और जब मंत्री पद से मुक्त हो जाएंगे, तब भी लोगो की आवाज उसी अंदाज में उठते रहेंगे. 

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दिल्ली बुलावे पर क्या बोले डॉ. मीणा

इस दौरान डॉक्टर मीणा ने दिल्ली जाने के सवाल पर कहा कि जब हाई कमान उन्हें दिल्ली बुलायेगा. तब ही तो वे दिल्ली जाएंगे. उनके कहने से क्या होता है, कोई बुलायेगा तभी तो जाएंगे. दरअसल, लोकसभा चुनाव में पूर्वी राजस्थान में भाजपा की हार के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए डॉक्टर किरोडी लाल मीणा ने मंत्री पद से अपना इस्तीफा दे दिया था. मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद वह पहली बार सवाई-माधोपुर पहुंचे थे. 

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इस्तीफे को लेकर कांग्रेस ने घेरा

बता दें कि लोकसभा चुनाव के समय पीएम मोदी की रैली में किरोड़ी लाल मीणा ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे पूर्वी राजस्थान की 7 सीटों की जिम्मेदारी दी है. अगर इनमें से एक भी सीट हार गए तो मंत्री से इस्तीफा दे दूंगा. इसके बाद जब लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित हुए, तो भाजपा 7 में से 4 सीटों पर हार गई. भाजपा को दौसा सीट पर भी हार सामना करना पड़ा था. दौसा सीट पर किरोड़ी लाल मीणा की खास पकड़ मानी जाती थी.

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इसके बाद 4 जुलाई को किरोड़ी लाल मीणा ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. दूसरी तरफ उन्होंने सरकारी गाड़ी पहले ही छोड़ दी थी. पूर्वी राजस्थान की 7 में से 4 सीटों पर भाजपा की हार के बाद किरोड़ी लाल मीणा को कांग्रेस जमकर घेरा था. कांग्रेस के नेता कई बार डॉ. मीणा को उनके बचन को याद दिलाते रहे. 

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