Kota News: कोटा के इंदिरा विहार इलाके में पिछले दिनों हुए नॉनवेज रेस्टोरेंट की इमारत गिरने के हादसे के बाद अब जिला प्रशासन और नगर निगम पूरी तरह एक्शन मोड में है. जवाहर नगर थाना क्षेत्र में हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद आसपास की अवैध और जर्जर इमारतों पर भी सख्ती बरती जा रही है. एनडीटीवी के जरिए इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के बाद नगर निगम ने इस विषय पर सख्त रुख अपनाया है जिसका असर अब धरातल पर दिखने लगा है.
खुद हथौड़ा चला रहे हैं मकान मालिक
हादसे वाली जगह के ठीक पीछे स्थित एक चार मंजिला जर्जर इमारत को नगर निगम के जरिए पहले ही नोटिस जारी किया गया था. कार्रवाई के डर और सुरक्षा कारणों से बिल्डिंग के मालिक अब अपनी इमारतों पर खुद ही हथौड़ा चलवा कर उन्हें तुड़वाना शुरू कर दिया है.
वाइब्रेशन से जर्जर ढांचा गिर सकता है
बिल्डिंग के मालिक जानकी लाल बताया कि निगम की डेडलाइन खत्म होने से पहले ही ऊपर की दो अवैध मंजिलों को खुद ही तुड़वा रहे है. इसमें उनका कहना है कि मशीनों के इस्तेमाल से होने वाले वाइब्रेशन से जर्जर ढांचा गिर सकता है, जिससे पड़ोस की इमारतों को खतरा हो सकता . इसलिए, मजदूर हाथों से ही अवैध निर्माण को हटाने में जुटे हैं.
निगम ने बनाई 6 टीमें
इंदिरा विहार में इलाके में अवैध निर्माण की वजह से नॉन-वेज रेस्टोरेंट की बिल्डिंग गिरने के बाद, बड़े अधिकारियों के लगातार निर्देशों के बाद कोटा नगर निगम की टीम एक्शन मोड में है. वह इलाके में बनी सभी बिल्डिंग का सर्वे करने के साथ-साथ बन रही बिल्डिंगों के सेफ्टी उपायों और उन जगहों का भी निरीक्षण कर रही है जहां बिल्डिंगें गिराई जा रही हैं. इसी को लेकर चीफ फायर ऑफिसर राकेश व्यास ने बताया कि कॉर्पोरेशन की तरफ से 6 टीमें बनाई गई हैं जो शहर के अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर जांच कर रही हैं. कमियां मिलने पर उन पर नोटिस चिपकाए जा रहे हैं, जिसमें टाइमलाइन दी जा रही है साथ ही कड़ी चेतवानी के साथ समय पर पालन न करने पर सीज करने की कार्रवाई के होने की बात भी कही जा रही हैं.
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