कोटा के बाल संप्रेषण गृह में मोबाइल, सिगरेट और बर्थडे केक, वायरल फोटो-VIDEO से हड़कंप

NDTV को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, बाल संप्रेषण गृह के अंदर मोबाइल फोन तक पहुंच बनाई गई थी. सबसे चौंकाने वाली बात ये है, जिसमें बाल अपचारियों की सोशल मीडिया पर एक्टिविटी सामने आई है.

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कोटा के बाल संप्रेषण गृह की वायरल वीडियो-फोटो से हड़कंप

Rajasthan News: कोटा के बाल संप्रेषण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. यहां से 9 बाल अपचारी जाली काटकर फरार हो गए. पुलिस ने इनमें से एक बाल अपचारी को बोरखेड़ा इलाके से डिटेन कर लिया है, जबकि 8 अन्य की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा सोशल मीडिया से जुड़ा है. सवाल ये कि बाल संप्रेषण गृह के भीतर मोबाइल कैसे पहुंचे और वहां से सोशल मीडिया रील्स कैसे बनाई गईं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही बाल संप्रेषण गृह के अंदर की रील-तस्वीरों के बारे में केयरटेकर ने कहा कि इन तस्वीरों में से कुछ बाल अपचारी जमानत पर बाहर जा चुके हैं.

एक बाल अपचारी से पूछताछ में मिले अहम सुराग

जो भी बाल अपचारी जाली काटकर संप्रेषण गृह से फरार हुए हैं, उन सभी पर पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस ने एक बाल अपचारी को बोरखेड़ा थाना क्षेत्र से डिटेन कर लिया है. पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं. NDTV को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, बाल संप्रेषण गृह के अंदर मोबाइल फोन तक पहुंच बनाई गई थी. सबसे चौंकाने वाली बात ये है, जिसमें बाल अपचारियों की सोशल मीडिया पर एक्टिविटी सामने आई है.

बाल संप्रेषण गृह में कैसे पहुंचा मोबाइल, सिगरेट और केक

जहां से रील्स और अपडेट डाले जा रहे थे. आईडी पर बकायदा बाल संप्रेषण गृह के अंदर प्रतिबंधित चीज़े सिगरेट मोबाइल, यही नहीं जन्मदिन का केक काटते हुए भी तस्वीरें शेयर की गई है. सवाल है कि अकाउंट किसने बनाया, कौन चला रहा था और परिसर के भीतर से सोशल मीडिया तक पहुंच कैसे संभव हुई. पुलिस अब सिर्फ फरारी ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया नेटवर्क की भी जांच कर रही है. मोबाइल कहां से आया, किसकी मिलीभगत रही, और क्या बाल अपचारियों को नियमों के खिलाफ सुविधाएं दी जा रही थीं, इन सभी पहलुओं पर जांच तेज कर दी गई है. 

फिलहाल 8 बाल अपचारी अब भी फरार हैं. उनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें अलग-अलग इलाकों में दबिश दे रही हैं, संप्रेषण गृह भेज गए लगभग सभी बाल आचारियों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, यही नहीं पुलिस कर्मी पर चाकू से हमला करने जैसी वारदात में शामिल बाल अपचारी भी इसमे शामिल हैं. इस घटना ने एक बार फिर बाल संप्रेषण गृहों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बाल संप्रेषण ग्रह की सुरक्षा व्यवस्था नियम कायदों के चलते कोटा पुलिस के अंतर्गत नहीं आती. यही वजह है कि सुरक्षा संबंधी निर्णय और सुरक्षा कर्मियों की तैनातगी भी बाल अधिकारिता विभाग करता है.

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वायरल तस्वीर और रील से उठे कई सवाल

बाल संप्रेषण गृह के अंदर की रील और तस्वीरों के बारे में केयरटेकर से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि इन तस्वीरों में से कुछ बाल अपचारी जमानत पर बाहर जा चुके हैं. वहीं कुछ तस्वीरों में हाल ही में संप्रेषण गृह से पलायन करके गए बाल अपचारियों की तस्वीरें शामिल है. परिसर के अंदर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर कैसे आईं, इसके बारे में केयरटेकर मनोज कुमार कोई जवाब नहीं दे पाए और बोले कि संप्रेषण गृह के बारे में मीडिया से बात करने के लिए अधीक्षक ऑथराइज्ड हैं.

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