Rajasthan News: राजस्थान के कोटा में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की मुहिम लगातार जारी है. इसी कड़ी में कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) में तैनात एक संविदाकर्मी और कर्मचारी को 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है. एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि एक फरियादी ने शिकायत की थी कि नाथपुरम स्थित उसके पैतृक मकान के नामान्तरण के काम को लेकर उसे केडीए में बेवजह परेशान किया जा रहा था.
शिकायत के अनुसार केडीए के कर्मचारी जुगल किशोर और संविदाकर्मी कपिलराज ने इस वैध काम को करने की एवज में कुल 50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी. परिवादी ने इसकी शिकायत एसीबी की कोटा इकाई से की थी.
गोपनीय सत्यापन के बाद बिछाया जाल
एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद मामले का गोपनीय सत्यापन किया. 1 और 2 जून 2026 को हुए सत्यापन में आरोपियों द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई. इसके बाद उप महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीणा के निर्देशन में एसीबी की टीम ने आज एक विशेष ट्रैप बिछाया.
जैसे ही फरियादी ने केडीए कैंटीन में आरोपी कपिलराज को 15,000 रुपये की रिश्वत राशि सौंपी वैसे ही एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया. वहीं मामले में लिप्त दूसरे आरोपी जुगल किशोर को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया है.
ठिकानों पर तलाशी जारी
फिलहाल एसीबी की टीम महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में दोनों आरोपियों के घरों और अन्य संभावित ठिकानों की सघन तलाशी ले रही है. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और एसीबी की टीम इस मामले में आगे की कड़ियाँ जोड़ते हुए अग्रिम अनुसंधान में जुटी है.
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