LDC नकल मामले के FIR में बड़ा खुलासा, 3:39 से 3:48 बजे तक CCTV फुटेज गायब; 9 म‍िनट में पेपर हो गया सॉल्‍व? 

अब पुलिस की जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू वही 9 मिनट हैं, जिनकी CCTV रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं है. यदि इसी अवधि में प्रश्नपत्र परीक्षा कक्ष से बाहर था, तो जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास करेंगी कि फुटेज तकनीकी कारणों से गायब है या उसके साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ हुई. सवाल अब पूरे LDC परीक्षा विवाद की जांच का केंद्र बन गया है. 

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जिला शिक्षा अधिकारी मॉडल स्कूल पहुँचे.
NDTV Reporter

जैसलमेर: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2026 में जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र पर सामने आए कथित नकल प्रकरण में दर्ज FIR ने पूरे मामले की गंभीरता बढ़ा दी है.  मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी महेश कुमार बिस्सा ने कोतवाली थाने में दर्ज कराई FIR में जांच समिति की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए परीक्षा के दौरान हुई घटनाओं, CCTV फुटेज और अभ्यर्थियों के बयानों का विस्तार से उल्लेख किया है. 

अभ्यर्थियों के बयान दर्ज करवाए 

FIR के अनुसार, जांच समिति ने परीक्षा केंद्र की वीडियो रिकॉर्डिंग, CCTV फुटेज, वीडियोग्राफरों,  केंद्राधीक्षक, कर्मचारियों और शिकायतकर्ता अभ्यर्थियों के बयान सहित सभी उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण किया. जांच में सामने आया कि दोपहर 3:09 बजे धोती-कुर्ता और पगड़ी पहने एक व्यक्ति, जिसकी पहचान बाद में रिलीवर पदम सिंह के रूप में की गई, महिला अभ्यर्थी मनु कंवर की सीट पर पहुंचता है और उसका प्रश्नपत्र देखता है. 

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रिलीवर पदम सिंह पर पेपर बाहर ले जाने का आरोप है. (NDTV Reporter)

प्रश्नपत्र बाहर ले जाने पर सवाल उठाया  

इसके बाद 3:36 बजे वही व्यक्ति हाथ में रजिस्टर लेकर दोबारा मनु कंवर की सीट पर पहुंचता है, और कथित रूप से उसका प्रश्नपत्र लेकर परीक्षा कक्ष से बाहर चला जाता है. 3:38 बजे पास में बैठी एक अन्य महिला अभ्यर्थी प्रश्नपत्र बाहर ले जाने पर सवाल उठाती दिखाई देती है. 3:39 बजे तक वीडियो में मनु कंवर बिना प्रश्नपत्र के अपनी सीट पर बैठी नजर आती है. 

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9 मिनट का सीसीटीवी रिकॉर्डिंग गायब  

जांच का सबसे अहम पहलू सामने आता है.  FIR के अनुसार 3:39 बजे से 3:48 बजे तक की CCTV रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं है. जब 3:48 बजे वीडियो दोबारा शुरू होती है, तब प्रश्नपत्र फिर से अभ्यर्थी की मेज पर रखा दिखाई देता है. इसके बाद करीब 3:58 बजे केंद्राधीक्षक उम्मेद सिंह राठौड़ कक्ष में प्रवेश करते नजर आते हैं. जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रश्नपत्र बाहर रहने की अवधि के दौरान का सबसे महत्वपूर्ण फुटेज आखिर उपलब्ध क्यों नहीं है. 

अभ्यर्थियों के बयान भी दर्ज किए

जांच समिति ने अभ्यर्थियों के बयान भी दर्ज किए. परीक्षार्थी तरुणा खत्री ने बयान में कहा कि एक शिक्षक फाइल में रखकर प्रश्नपत्र बाहर ले गया और करीब पांच मिनट बाद वापस लाया गया. देदाराम ने भी अपने बयान में कहा कि प्रश्नपत्र चोरी-छिपे बाहर ले जाया गया, और 5 से 10 मिनट बाद लौटाया गया.  योगेन्द्र सिंह ने बयान दिया कि प्रश्नपत्र सात से आठ मिनट तक बाहर रहा, और पूरी प्रक्रिया के दौरान तीन शिक्षकों की भूमिका रही. सत्यनारायण ने भी जांच में बताया कि उन्होंने प्रश्नपत्र बाहर ले जाते देखा था और विरोध करने पर भी ड्यूटी पर मौजूद शिक्षकों ने कोई कार्रवाई नहीं की. 

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पुलिस ने FIR दर्ज की 

FIR में उल्लेख है कि जांच समिति ने उपलब्ध वीडियो रिकॉर्डिंग, CCTV फुटेज, वीडियोग्राफी, प्रश्नपत्र, OMR रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद प्रथम दृष्टया अनियमितता पाई.  इसी आधार पर अभ्यर्थी मनु कंवर, केंद्राधीक्षक उम्मेद सिंह राठौड़, रिलीवर पदम सिंह, तथा वीक्षक भीम सिंह और जालम सिंह के खिलाफ राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2022 की धाराओं 3, 10(1), 10(2) तथा भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है. 

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