नीमकाथाना के महावा गांव में लेपर्ड से दहशत, कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग ने किया रेस्क्यू

डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि करीब ढाई साल की यह मादा लेपर्ड है, जिसमें न्यूरोलॉजिकल समस्या के लक्षण दिखाई दे रहे हैं और वह बीमार लग रही है. उसे इलाज के लिए नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा.

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Rajasthan News: नीमकाथाना इलाके के महावा गांव में खेतों के पास एक मादा लेपर्ड के घुसने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई. शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे दुर्गा वाली ढाणी में पुरानमल शर्मा के मकान के पीछे लेपर्ड का मूवमेंट दिखाई दिया. सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने वन विभाग को खबर दी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची. टीम को देखते ही लेपर्ड पास की कंटीली झाड़ियों में घुस गया, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आईं.

सूचना मिलने पर सीकर से उड़नदस्ता प्रभारी हरलाल जाट टीम के साथ मौके पर पहुंचे. देर शाम होने के कारण उस दिन रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा नहीं हो सका. शनिवार सुबह से ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई. इस दौरान लेपर्ड खेतों की फसलों में घुसकर कई बार जोरदार दहाड़ लगाते हुए इधर-उधर चक्कर लगाता रहा.

लेपर्ड ने दो बार वनकर्मियों पर हमला करने की कोशिश की

रेस्क्यू के लिए जयपुर चिड़ियाघर की टीम भी मौके पर पहुंची. वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार के नेतृत्व में खेत में पिंजरा लगाकर लेपर्ड को पकड़ने की कोशिश की गई. इस दौरान लेपर्ड ने दो बार वनकर्मियों पर हमला करने की कोशिश की, जिससे वनकर्मी जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए. बाद में डॉक्टरों की टीम ने लेपर्ड को टेंकुलाइज कर काबू में किया.

करीब ढाई साल की यह मादा लेपर्ड है

डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि करीब ढाई साल की यह मादा लेपर्ड है, जिसमें न्यूरोलॉजिकल समस्या के लक्षण दिखाई दे रहे हैं और वह बीमार लग रही है. उसे इलाज के लिए नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा. उपचार के बाद स्वस्थ होने पर उसे फिर से जंगल में छोड़ा जाएगा. वहीं क्षेत्रीय वन अधिकारी जोगेंद्र सिंह ने बताया कि पूरे ऑपरेशन के दौरान ग्रामीणों की भीड़ भी मौके पर मौजूद रही.

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