उदयपुर में गरबा पंडाल के पास भी पहुंचा लेपर्ड, पैंथर के हमले में अब तक 8 लोगों की हो चुकी है मौत

क्षेत्रवासी ने कार में बैठे रहने के दौरान ही लेपर्ड का वीडियो भी शूट किया. जब वह घर जा रहे थे, तभी झाड़ियों से अचानक लेपर्ड बाहर आया और कुछ देर तक सड़क पर ही टहलता रहा. इसके बाद वह फिर झाड़ियों में ही चला गया. 

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Panther in Udaipur: उदयपुर के गोगुंदा में लेपर्ड का आतंक अब भी जारी है. जिलेभर में पैंथर अब तक 8 शिकार कर चुका है. जबकि गोगुंदा में 7 और झाड़ोल में 1 मौत हुई थी. बावजूद इसके कई बार पैंथर (Panther) की आहट होने के चलते ग्रामीण दहशत में हैं. बीती गत रात लेपर्ड का मूवमेंट गरबा पंडाल से ही कुछ पर दिखा. नवरात्रि की रौनक में इस खबर के बाद खौफ का माहौल हो गया. जिसके बाद ग्रामीण, वन विभाग और प्रशासन की भी चिंताएं बढ़ गई हैं.  

मंदिर में चल रहा था डांडिया, तभी कार चालक को दिखा लेपर्ड

दरअसल, नादेश्मा मुख्य मार्ग पर लेपर्ड टहलता हुआ दिखाई दिया. गोगुंदा में कुछ ही देर पर ही देवी मां की आराधना के साथ ही डांडिया चल रहा था. खास बात यह है कि जिस गरबा पंडाल के पास लेपर्ड देखा गया, वह भी गोगुंदा जाने वाले रास्ते की तरफ ही था. नादेश्मा निवासी कृष्ण गोपाल पालीवाल ने कार में बैठे हुए इसका वीडियो भी शूट किया. जब वह घर जा रहे थे, तभी झाड़ियों से अचानक लेपर्ड बाहर आया और कुछ देर तक सड़क पर ही टहलता रहा. इसके बाद वह फिर झाड़ियों में ही चला गया. 

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खबर मिलते ही कुछ देर के लिए रूक गए गरबे की धुन पर थिरकते कदम 

जैसे ही लेपर्ड के मूवमेंट की खबर सामने आई, वैसे ही एक बार फिर दहशत फैल गई. नादेश्मा के अंबामाता मंदिर के गरबा पंडाल में कुछ देर के लिए गरबे रोक दिए गए. ग्रामीणों के मुताबिक यहां पर कई लोग डांडिया खेल रहे थे, सूचना मिलने के बाद कुछ देर के लिए एहतियातन डांडिया रोक दिया गया. अब लोग वन विभाग से मांग कर रहे है कि जहां पैंथर का मूवमेंट देखा गया, वहां भी भी पिंजरा लगाया जाए. 

शहर तक फैला है लेपर्ड का खौफ

बता दें कि उदयपुर के गोगुंदा तहसील में तेंदुए का खतरा सबसे अधिक है. जहां के आदमखोर को देखते ही गोली मारने का आदेश भी दिया जा चुका है. गोंगुदा में 13 दिन में आदमखोर लेपर्ड ने 7 लोगों की जान ले चुका है. जबकि एक की मौत जिले की अन्य तहसील में भी 8 सितंबर को हुई थी. लेकिन अब आदमखोर का आतंक सिर्फ गोगुंदा या जिले के जंगलों में ही नहीं, उदयपुर शहरी कस्बे के आसपास भी देखा जा रहा है. शहर के पास ढिकली गांव में पिंडवाड़ा हाईवे पर भी एक लेपर्ड का शव मिल चुका है, जिसके बाद 2 लेपर्ड के बीच संघर्ष की आशंका जाहिर की गई थी. जिला मुख्यालय से महज 12 किलोमीटर दूर ही वरडा गांव में भी 2 दिन में 3 लेपर्ड दिखाए दिए हैं.

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