रामगढ़ में तीन दिन से दहशत फैलाने वाले लेपर्ड का किया गया रेस्क्यू, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार 10 जनवरी की रात को सूचना मिली थी कि रामगढ़ शेखावाटी इलाके के एक मकान के पास लेपर्ड का मूवमेंट देखा गया है. लोगों की भीड़ इकट्ठा होने पर लेपर्ड वहां से फरार हो गया.

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लेपर्ड का रेस्क्यू

Rajasthan News: इन दिनों कई जिलों में बाघ और तेंदुए के मुवमेंट को देखने को मिले हैं. जिसके बाद लोगों में दहशत देखी जा रही है. वहीं रामगढ़ में तीन दिन से दहशत फैलाने वाला लेपर्ड अब रेस्क्यू कर लिया गया है. वन विभाग को लेपर्ड के रेस्क्यू करने में सफलता मिल गई है. जिसके बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है. बताया जा रहा है कि जयपुर, फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़ और चूरू से रेस्क्यू टीम आई थी. जिसके बाद लेपर्ड पकड़ने में सफलता मिली है.

सीकर जिले के फतेहपुर उपखंड के रामगढ़ क्षेत्र में बीते तीन दिनों से लेपर्ड की मौजूदगी से दहशत का माहौल बना हुआ था. आखिरकार मंगलवार (13 जनवरी) की शाम को वन विभाग की टीम ने लेपर्ड का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया. जयपुर, फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़ और चूरू से आई संयुक्त वन विभाग की टीम ने फतेहपुर–रतनगढ़ बॉर्डर के पास एक गांव की रोही में सरसों के खेत से लेपर्ड को ट्रेंकुलाइज कर पकड़ा है.

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10 जनवरी को मिली थी सूचना

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार 10 जनवरी की रात को सूचना मिली थी कि रामगढ़ शेखावाटी इलाके के एक मकान के पास लेपर्ड का मूवमेंट देखा गया है. लोगों की भीड़ इकट्ठा होने पर लेपर्ड वहां से फरार हो गया. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लेपर्ड के पगमार्क के आधार पर उसकी तलाश शुरू कर दी थी. तलाशी के दौरान लेपर्ड की लोकेशन रामगढ़ शेखावाटी के ढाढण रोड स्थित बीहड़ इलाके के पास मिली. टीम ने लेपर्ड को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरे भी लगाए, लेकिन वह रात के अंधेरे का फायदा उठाकर आगे निकल गया.

ड्रोन से की गई थी निगरानी

इसके बाद ड्रोन की मदद से निगरानी की गई. सोमवार को करीब 10 किलोमीटर दूर रतनगढ़ की ओर एक सरसों के खेत में लेपर्ड की मौजूदगी सामने आई, लेकिन उस समय भी उसे पकड़ने में सफलता नहीं मिली. लगातार पीछा करने के बाद मंगलवार शाम को जयपुर से आई विशेष टीम ने लेपर्ड को ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू कर लिया. रेस्क्यू के बाद लेपर्ड को पिंजरे में सुरक्षित बंद कर चूरू वन विभाग ले जाया गया है. लेपर्ड के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है.

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