झुंझुनूं पंचायत समिति के गांव इस्लामपुर का नाम बदलकर 'श्रीरामपुर' करने की कवायद की विरोध में ग्रामीणों के साथ पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा भी सड़कों पर उतर आए. गांव की पहचान बचाने की मांग को लेकर सोमवार को इस्लामपुर से झुंझुनूं कलेक्ट्रेट तक पैदल रैली निकाली गई. बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे, और नाम परिवर्तन की प्रशासनिक प्रक्रिया का विरोध जताते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.
अंबेडकर चौक पर इकट्ठा हुए लोग
सोमवार सुबह इस्लामपुर के अंबेडकर चौक पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए. यहां से 'गांव की पहचान नहीं बदलने देंगे' के नारों के साथ पैदल मार्च शुरू हुआ. मार्च समसपुर मार्ग से होते हुए झुंझुनूं जिला मुख्यालय की ओर रवाना हुआ. ग्रामीणों का कहना है कि गांव की ऐतिहासिक पहचान को किसी भी कीमत पर बदलने नहीं दिया जाएगा.
सामाजिक संगठनों का मिला समर्थन
इस आंदोलन को राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिला है. पैदल मार्च का नेतृत्व पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने किया. उनके साथ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के नेता राजेंद्र फौजी, अंजुमन-ए-पठान संस्था के सचिव इब्राहिम खान और आमिन मणियार भी मौजूद रहे. आंदोलनकारियों ने नाम परिवर्तन की प्रक्रिया को वापस लेने की मांग की.
"अकेले की बात कोई नहीं सुनता"
राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि आपको तैयार होना पड़ेगा. अकेले की बात कोई नहीं सुनता. किसी के साथ जुर्म और गलत हो तो आपको तपना पड़ेगा, सड़क पर आना पड़ेगा और जवाब देना पड़ेगा.
विधायक ने लिखा लेटर
इस्लामपुर गांव का नाम श्रीरामपुर करने के लिए झुंझुनू से वर्तमान विधायक राजेंद्र भांबू ने जिला कलेक्टर अरुण गर्ग को अनुशंसा पत्र दिया था. अनुशंसा पत्र मिलने के बाद नाम परिवर्तित करने की प्रक्रिया शुरू हुई, तभी से इस्लामपुर गांव के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया.
विरोध में पूर्व मंत्री राजेंद्र गुड्डा और आरएलपी जिला अध्यक्ष राजेंद्र फौजी के साथ में सैकड़ों लोग विरोध करते हुए झुंझुनूं कलेक्ट पहुंचे, और वहां कलेक्टर से ज्ञापन देकर नाम नहीं बदलने का निवेदन किया.
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